चीन की 103 वर्षीय डू हुझैन की भावुक करने वाली कहानी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने आठ दशकों से अधिक समय तक अपने बिछड़े पति का इंतजार किया, लेकिन अंत तक उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। आखिरी सांस लेते वक्त भी उन्होंने अपने शादी के दिनों की याद को संजोए रखा और तकिए के उसी कवर को थामे रखा, जिसे उन्होंने विवाह के समय इस्तेमाल किया था।

डू हुझैन की शादी 1940 में हुआंग जुन्फू से हुई थी, लेकिन विवाह के तुरंत बाद उनके पति सेना में भर्ती होकर युद्ध के लिए चले गए। 1943 में हुझैन ने जुन्फू को खोज निकाला और कुछ समय उनके साथ बिताया, लेकिन गर्भवती होने के कारण उन्हें वापस घर लौटना पड़ा। 1944 में उनके बेटे हुआंग फचांग का जन्म हुआ। जुन्फू कुछ समय के लिए घर लौटे, लेकिन जल्द ही सेना के काम के लिए फिर चले गए और फिर कभी वापस नहीं आए। शुरुआत में वह खत भेजते रहे, लेकिन 15 जनवरी 1952 के बाद उनका कोई पत्र नहीं आया।


