महिला अंतरिक्ष यात्री कैसे मैनेज करती हैं पीरियड्स? मिलते हैं 2 ऑप्शन

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अंतरिक्ष में पीरियड्स को मैनेज करना महिला अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक बड़ा सवाल हो सकता है, क्योंकि जीरो ग्रैविटी में पीरियड्स के दौरान रक्त का प्रवाह अलग तरीके से हो सकता है। लेकिन नासा समेत कई अंतरिक्ष एजेंसियों ने इस चुनौती का समाधान ढूंढ लिया है, जिससे महिला अंतरिक्ष यात्री आसानी से इस स्थिति को संभाल सकती हैं।

क्या होती है चुनौती?
धरती पर पीरियड्स के दौरान महिलाओं को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है, जैसे सैनिटरी पैड का इस्तेमाल और रक्त के प्रवाह को नियंत्रित करना। लेकिन अंतरिक्ष में जीरो ग्रैविटी के कारण पानी की बूंदें और रक्त हवा में तैर सकते हैं। ऐसे में अंतरिक्ष में पीरियड्स को मैनेज करना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, महिला अंतरिक्ष यात्रियों के लिए इस समस्या का हल निकाल लिया गया है।

अंतरिक्ष में पीरियड्स के दो विकल्प
अंतरिक्ष में पीरियड्स को लेकर महिला अंतरिक्ष यात्री के पास दो मुख्य विकल्प होते हैं:

1. पीरियड्स के साथ रहना
महिला अंतरिक्ष यात्री पीरियड्स के दौरान वही तरीके अपना सकती हैं, जैसे वे पृथ्वी पर करती हैं। इस दौरान वे सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करती हैं। अंतरिक्ष में रक्त तैरता नहीं है, क्योंकि वहाँ गुरुत्वाकर्षण बल (gravity) नहीं होता, इस वजह से पीरियड्स को नियंत्रित करना पृथ्वी की तुलना में थोड़ा आसान हो जाता है। हालांकि, महिला अंतरिक्ष यात्री को नियमित रूप से अपनी स्थिति पर ध्यान रखना पड़ता है, ताकि किसी तरह की असुविधा ना हो।

2. हॉर्मोनल गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल
दूसरा विकल्प है हॉर्मोनल गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना। इन गोलियों में एस्ट्रोजन होता है, जो पीरियड्स के प्रवाह को रोकता है। महिला अंतरिक्ष यात्री अगर चाहें तो इन गोलियों का इस्तेमाल कर सकती हैं, ताकि उन्हें पीरियड्स न आएं। इन गोलियों को नियमित रूप से लिया जाता है और यह एक प्रभावी तरीका है। यह विकल्प अंतरिक्ष में रहने के दौरान महिला के शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं डालता और यह पूरी तरह से सुरक्षित होता है। हालांकि, यह फैसला महिला अंतरिक्ष यात्री के स्वास्थ्य, मिशन की अवधि और व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है।

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