NATIONAL : वृद्ध दंपति मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा, देखभाल के लिए रखे गए अटेंडेंट ने दिया था वारदात को अंजाम

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पीतमपुरा इलाके में एक बुजुर्ग दंपति की हत्या कर दी गई है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक आरोपी मृतकों के बेटे द्वारा रखा गया अटेंडेंट था.

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में एक वृद्ध दंपति की बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों में एक वही शख्स है, जिसे मृतकों के बेटे ने अपने माता-पिता की देखभाल के लिए रखा था.

घटना 18 मार्च की है, जब पीसीआर को सूचना मिली कि कोहाट एन्क्लेव, पीतमपुरा में एक मकान में बुजुर्ग दंपति मृत अवस्था में पड़े हैं. पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि 70 वर्षीय मोहिंदर सिंह और उनकी पत्नी 71 वर्षीय दिलजीत कौर के शव घर के अलग-अलग कमरों में पड़े हैं. घर में लूटपाट के भी संकेत मिले.

मृतकों का बेटा मनप्रीत ने पुलिस को जानकारी दी है कि उसके माता-पिता की देखभाल के लिए उसने रवि नामक युवक को रखा था. लेकिन पिछले कुछ दिनों से रवि ने किसी अन्य व्यक्ति को भेज दिया था. इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने रवि को उत्तर नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया. सख्ती से पूछताछ में रवि ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. रवि ने बताया कि उसने अपने साथी दीपक उर्फ पंकज के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी. दीपक को उसने अपने स्थान पर अटेंडेंट बनाकर भेजा ताकि घर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और मौका मिलते ही लूट की जा सके.

पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक ने घर में रहते हुए ही वारदात को अंजाम दिया. उसने पहले बुजुर्ग दंपति को हथौड़ी से मारा और फिर दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद घर से 30 हजार नकद और एक सोने का कंगन लेकर फरार हो गया. पुलिस टीम ने दीपक को द्वारका के एक वृद्धाश्रम से गिरफ्तार किया. उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई हथौड़ी, दुपट्टा, चोरी की नकदी और गहनों के अलावा एक देशी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए.

पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) ने बताया कि टीम ने बेहद सूझबूझ और तत्परता से काम करते हुए महज कुछ दिनों में इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की भी जांच की जा रही है.

रवि ने अपने साथी दीपक को वृद्ध दंपति की देखभाल करने के बहाने घर में भेजा था. दोनों का मकसद घर में रखे पैसों और गहनों को लूटना था. लेकिन डर था कि पकड़े जाएंगे, इसलिए उन्होंने दंपति को बेरहमी से मार डाला.

इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए सुरक्षा इंतजाम और जांच-परख के बाद ही किसी कर्मचारी को रखना बेहद जरूरी हो गया है. फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है.

 

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