धारावी में हुए भीषण LPG विस्फोट की जांच में अवैध पार्किंग और जबरन वसूली का खुलासा हुआ, जिससे कई जानें गईं. पुलिस ने नौ आरोपियों पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

मुंबई के धारावी इलाके में 24 मार्च को भीषण एलपीजी विस्फोट की घटना सामने आई है. इस ब्लास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर अलग अगल एंगल से वायरल है, जिनमें आग की भयंकर लपटें और काला धुआं देखा जा सकता है. जिसने भी देखा वो हैरान रह गया लेकिन इससे भी ज्यादा हैरान करने वाला है वो खुलासा जो इस घटना के जांच के दौरान सामने आया है.
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि नो पार्किंग जोन (No Parking Zone) में अवैध रूप से पार्किंग टैक्स वसूला जा रहा था और यह गैरकानूनी धंधा तरबेज़ शेख और तारीक जब्बार शेख के इशारे पर चल रहा था.
घटना के दिन, सायन-धारावी रोड पर ट्रक संख्या MH 04 FJ 1320 और टेम्पो क्रमांक MH 01 CQ 0252 को नो पार्किंग क्षेत्र में सड़क किनारे डबल पार्किंग में खड़ा किया गया था. इन वाहनों में विस्फोटक और ज्वलनशील गैस सिलेंडर लदे हुए थे. इसके अलावा, मोटर ट्रक MH 01 DR 6664 और अन्य वाहनों को भी इसी स्थान पर खड़ा किया गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और विस्फोट जैसी गंभीर घटना घटी.
पुलिस द्वारा की गई जांच में यह भी पाया गया कि ट्रक संख्या MH 04 FJ 1320 का चालक बाबू गोपाल पुजारी (45 वर्ष) था, जबकि यह ट्रक HP गैस सिलेंडर आपूर्तिकर्ता निनाद सुरेश केलकर (50 वर्ष) के स्वामित्व में था. इसके प्रबंधक के रूप में नागेश सुभाष नवले (28 वर्ष) का नाम सामने आया. इसी प्रकार, टेम्पो MH 01 CQ 0252 के चालक वेलु नाडर और मोटर ट्रक MH 01 DR 6664 के चालक सोनू गौतम चारमोहन (24 वर्ष) भी इसमें संलिप्त पाए गए. साथ ही, राशन दुकान के मालिक अनिल कुमार गुलाबचंद गुप्ता (50 वर्ष) का नाम भी इस अवैध गतिविधि में शामिल लोगों में शुमार किया गया.
तरबेज तारिक शेख (जिसका असली नाम तारीक जब्बार शेख है) और उसके सहयोगियों द्वारा कार और ट्रक चालकों से पैसे लेकर उन्हें अवैध रूप से वाहन पार्क करने की अनुमति दी गई. इस लापरवाही के चलते गैस विस्फोट हुआ, जिससे कई लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में संपत्ति को नुकसान पहुंचा.
घटना 24 मार्च 2025 की रात 9:50 बजे निसर्ग उद्यान, उत्तर वाहिनी, एल.बी.एस. रोड, धारावी, मुंबई के पास घटी. इस मामले में पुलिस ने सभी संबंधित चालकों, मालिकों और अवैध रूप से पार्किंग करवाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस जांच में साफ हुआ कि इन लोगों को संभावित खतरे का पहले से अंदाजा था, फिर भी उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया.
पुलिस ने दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285, 287, 288 के तहत मामला दर्ज किया है. ये धाराएं सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने, लापरवाही से आग या विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने और असावधानीपूर्वक निर्माण कार्य करने से संबंधित हैं. जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनके नाम हैं बाबू गोपाल पुजारी, निनाद सुरेश केलकर, नागेश सुभाष नवले, वेलु नाडर, सोनू गौतम चारमोहन, अनिल कुमार गुलाबचंद गुप्ता, तरबेज तारिक शेख, तारीक जब्बार शेख.
यह मामला धारावी में अवैध पार्किंग और गैरकानूनी गतिविधियों के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है. पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और कठोर कार्रवाई की जा सके.


