महाराष्ट्र के नांदेड़ और छत्रपति सांभाजी जिले के सरकारी अस्पतालों में 2023 में अक्टूबर के महीने में मौत के मामले में अचानक वृद्धि हो गई थी जिसको लेकर याचिकाएं दाखिल की गई थीं.महाराष्ट्र के नांदेड़ और छत्रपति सांभाजी नगर जिले में 2023 में सरकारी अस्पतालों में मौत के मामले में अचानक वृद्धि देखी गई थी जिसे बॉम्बे हाई कोर्ट ने गंभीर करार दिया है और इसकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया. चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एम एस कार्णिक ने कहा कि कमेटी उपाय भी बताएगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों.

कोर्ट विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिनमें नांदेड और छत्रपति सांभाजी नगर जिले के सरकारी अस्पतालों में 2023 में मौत में हुई वृद्धि के मामलों को उठाया गया था. नांदेड़ के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अक्टूबर 2023 में 31 मरीजों की मौत हो गई थी जिनमें 16 नवजात थे. जबकि छत्रपति सांभाजी नगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2 और 3 अक्टूबर 2023 के बीच 18 मरीजों की मौत हो गई थी.
सरकार ने इस मामले में कोर्ट को बताया था कि इसमें अस्पताल की ओऱ से किसी तरह की बड़ी लापरवाही नजर नहीं आ रही है क्योंकि ये निजी अस्पतालों और छोटे क्लीनिक्स के मरीजों का भार झेल रहे थे. कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि इस मामले मेडिकल एक्सपर्ट की टीम द्वारा जांच कराना उचित रहेगा. यह मामला गंभीर है. हम नहीं चाहते कि ऐसे मामले फिर सामने आएं. इसलिए अल्प या दीर्घकालिक उपाय किए जाने की जरूरत है.
हाई कोर्ट ने एक कमेटी की गठन किया जिसमें लोक स्वास्थ्य विभाग के सचिव, स्वास्थ्य विज्ञान एवं मेडिकल शिक्षा विभाग के निदेशक, मुंबई के जेजे अस्पताल के डीन, नांदेड़ और छत्रपति सांभाजी नगर जिले के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन शामिल होंगे.
कोर्ट ने कमेटी को निर्देश दिया जाता है कि वे दो अस्पतालों का दौरा करें और आधारभूत संरचनाओं और अस्पताल की सुविधाओं की जानकारी दें. कमेटी दो महीने के अंदर दीर्घकालिक और अल्पकालिक उपायों को पेश करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं भविष्य में फिर नहीं होंगी. मामले में अगली सुनवाई अब 16 जून को होगी.


