GUJARAT : गुजरात पटाखा गोदाम विस्फोट: 21 शव MP के गांवों के लिए रवाना, मरने वालों में एक ही परिवार के 6 लोग भी

0
109
Banaskantha: People gather at the site after a blast at a firecracker warehouse led to a blaze and collapse of the building, in Gujarat's Banaskantha district, Tuesday, April 1, 2025. At least 18 people were killed and five others suffered injuries in the incident, according to officials. (PTI Photo)(PTI04_01_2025_000345A)

विस्फोट इतना जोरदार था कि गोदाम तहस-नहस हो गया और शरीर के अंग 200-300 मीटर दूर तक बिखर गए. कलेक्टर पटेल ने बताया कि परिसर में रहने वाले कुछ श्रमिकों के परिवार स्लैब के मलबे में दबकर मर गए.

गुजरात के बनासकांठा जिले में डीसा के पास एक अवैध पटाखा गोदाम में मंगलवार सुबह हुए भीषण विस्फोट में मारे गए 21 लोगों के शव बुधवार सुबह मध्य प्रदेश के उनके गांवों के लिए रवाना कर दिए गए. मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं, जो मध्य प्रदेश के देवास और हरदा जिलों के संदलपुर और हंडिया गांवों के रहने वाले थे.

विस्फोट दीपक ट्रेडर्स के गोदाम में हुआ, जिसके पास पटाखे रखने का वैध लाइसेंस नहीं था. अहमदाबाद के ढोलका में प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने वाले चंद्रसिंह नायक ने इस त्रासदी में अपनी बेटी, दामाद, नाती राधा (3), अभिषेक (10) और दामाद के परिवार के दो अन्य सदस्यों को खो दिया. नायक ने बताया, “मेरी बेटी और दामाद ने हाल ही में यहां काम शुरू किया था, जबकि मेरी सास पहले से काम कर रही थीं. मृतकों में दस संदलपुर और ग्यारह हंडिया के थे.”

जीवित बचे राजेश नायक ने कहा कि विस्फोट सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जब मजदूर काम पर पहुंचे ही थे. उन्होंने अपनी चाची, छोटे भाई और तीन बच्चों को खो दिया.

मध्य प्रदेश के मंत्री नागर सिंह चौहान और गुजरात के उद्योग मंत्री बलवंत सिंह राजपूत डीसा पहुंचे. चौहान ने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है. दोनों सरकारें पीड़ितों के परिवारों को राहत दे रही हैं. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.” बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल से चर्चा के बाद उन्होंने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.विस्फोट इतना जोरदार था कि गोदाम तहस-नहस हो गया और शरीर के अंग 200-300 मीटर दूर तक बिखर गए. कलेक्टर पटेल ने बताया कि परिसर में रहने वाले कुछ श्रमिकों के परिवार स्लैब के मलबे में दबकर मर गए.

डीसा की उप-विभागीय मजिस्ट्रेट नेहा पंचाल ने कहा, “गोदाम का लाइसेंस 31 दिसंबर को खत्म हो गया था और खामियों के कारण नवीनीकृत नहीं हुआ. यह केवल भंडारण के लिए था, लेकिन अवैध निर्माण भी हो रहा था.”पुलिस ने गोदाम मालिक दीपक मोहनानी और उनके पिता खूबचंद मोहनानी को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया. राजेश नायक ने बताया कि गोदाम में करीब दो दर्जन लोग काम कर रहे थे. यह त्रासदी मध्य प्रदेश और गुजरात के मजदूरों के लिए दर्दनाक साबित हुई, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here