ENTERTAINMENT : मनोज कुमार के निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर ने क्या कहा?

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‘भारत कुमार’ के नाम से प्रसिद्ध मनोज कुमार के निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर और ने भी दुख जाहिर किया है.

भारतीय सिनेमा में अपनी देश-भक्ति फिल्मों के कारण ‘भारत कुमार’ के नाम से जाने जाने वाले मनोज कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे. उन्होंने 87 साल की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अपने जीवन की अंतिम सांस ली. उनके निधन के बाद से ही बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. कई लोग इसपर दुख जता कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने भी दुख जाहिर किया है.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दुख जताया. उन्होंने लिखा, “प्रसिद्ध अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार के निधन के समाचार से मन बहुत व्यथित है. उनका हर संवाद, हर फिल्म, हर गीत भारत के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक था. ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी कालजयी फिल्मों के माध्यम से मनोज कुमार ने देशप्रेम को जन-जन तक पहुंचाया. उनके अमर गीत जैसे ‘देश की धरती सोना उगले.’ आज भी लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाते हैं.”

वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मनोज कुमार ने सिनेमा को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम बनाया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं, प्रख्यात फिल्म अभिनेता और प्रखर राष्ट्रभक्त ‘पद्मश्री’ मनोज कुमार जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है.”

बता दें कि 24 जुलाई 1937 को हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी के रूप में जन्मे मनोज कुमार ने अपने करियर की शुरुआत से ही देशभक्ति को केंद्र में रखा. ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, और ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें ‘भारत कुमार’ की पहचान दिलाई. उन्होंने ‘क्रांति’, ‘नील कमल’, ‘पत्थर के सनम’ जैसी अन्य सफल फिल्मों में भी अभिनय किया.

1995 में आई ‘मैदान-ए-जंग’ उनकी अंतिम फिल्म रही. उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1992 में पद्म श्री और 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया. साथ ही, मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें ‘राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान’ से भी नवाजा.

 

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