PUNJAB : किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 131 दिन बाद खत्म किया अनशन, केंद्रीय मंत्रियों ने की थी अपील

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पंजाब के प्रमुख किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार को 131 दिन बाद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी. उन्होंने ये अनशन 26 नवंबर 2024 को शुरू किया था. डल्लेवाल कृषि मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के तहत उपवास पर थे.

पंजाब के प्रमुख किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार को 131 दिन बाद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी. उन्होंने ये अनशन 26 नवंबर 2024 को शुरू किया था. डल्लेवाल कृषि मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के तहत उपवास पर थे.डल्लेवाल ने ये ऐलान फतेहगढ़ साहिब ज़िले के सिरहिंद में आयोजित किसान महापंचायत में की. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी ने मुझे आमरण अनशन समाप्त करने का आदेश दिया है. मैं इस आंदोलन की देखभाल करने के लिए आप सभी का ऋणी हूं, मैं आपके जज़्बातों का सम्मान करता हूं और आपके आदेश को स्वीकार करता हूं.

यह घोषणा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की अपील के बाद की गई, जिन्होंने शनिवार को डल्लेवाल से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था.

शिवराज सिंह चौहान ने X पर लिखा कि भारत सरकार के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच उनकी मांगों को लेकर चल रही बातचीत जारी है. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अब अस्पताल से वापस आ गए हैं और हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. हम उनसे ये भी अनुरोध करते हैं कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें और हम पहले से तय तारीख के अनुसार 4 मई को सुबह 11 बजे किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे.

वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने किसान नेता डल्लेवाल से अपील की थी कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें और केंद्र सरकार के साथ चल रही संवाद प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें. बिट्टू ने ये भी कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और समाधान के लिए बातचीत का मार्ग सबसे बेहतर विकल्प है.

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयुक्त मंच का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 26 नवंबर 2024 को केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए अनशन शुरू किया था, ताकि किसानों की प्रमुख मांगों- विशेष रूप से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी को स्वीकार किया जाए.

जनवरी में जब केंद्र सरकार ने किसान नेताओं के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू की, तब डल्लेवाल को खानौरी प्रदर्शन स्थल पर चिकित्सा सुविधा मिलनी शुरू हुई. बावजूद इसके उन्होंने उस समय अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया था और आंदोलन जारी रखा. अब सरकार ने संकेत दिया है कि वह किसानों के प्रतिनिधियों से 4 मई को फिर से मुलाकात करेगी.

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