NATIONAL : चीतों को परात में पानी पिलाने वाले ‘कर्मचारी’ को क्या सच में नौकरी से निकाल दिया? कूनो की तरफ से आई सफाई

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Kuno National Park के डीएफओ ने कहा, “वीडियो हमारे संज्ञान में आया है और इसकी जांच चल रही है. हमने किसी स्थायी कर्मचारी को न तो सस्पेंड किया है और न ही हटाया है. यह अनुबंधित गाड़ी का ड्राइवर था, जिसे नियमों के उल्लंघन के कारण हटाया गया.”

मध्य प्रदेश के श्योपुर में चीता ज्वाला और उसके 4 शावकों को पानी पिलाने वाले शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. दावा किया जा रहा है कि चीतें को पानी पिलाने वाला युवक कूनो नेशनल पार्क का कर्मचारी है और उसे प्रबंधन ने नियमों का उल्लंघन करने पर नौकरी से निकाल दिया है. अब इस पूरे मामले को लेकर सिंह परियोजना के डायरेक्टर का स्पष्टीकरण सामने आया है.

दरअसल, यह मामला बीते 4 अप्रैल की सुबह का है, जब चीता ज्वाला और उसके चार शावक अगरा रेंज में कूनो नेशनल पार्क की सीमा के पास मानव बस्ती के करीब कृषि क्षेत्रों में घूम रहे थे.

कूनो प्रबंधन के नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में निगरानी टीम को चीतों को जंगल में वापस लाने का प्रयास करना होता है ताकि मानव-चीता संघर्ष से बचा जा सके. इसके लिए रेंज अगरा से अतिरिक्त फील्ड स्टाफ बुलाया गया था. चूंकि चीते धूप में खुले क्षेत्रों में भटक रहे थे और बस्ती की ओर बढ़ रहे थे, उन्हें जंगल की ओर लाने के लिए पानी पिलाने का फैसला लिया गया.

इस दौरान, वन विभाग के लिए किराए पर ली गई चीता ट्रैकिंग टीम की गाड़ी के ड्राइवर सत्यनारायण गुर्जर ने ज्वाला और उसके शावकों को पानी पिलाया. हालांकि, यह कार्य करते समय वह चीतों के बेहद करीब गया, जो प्रोटोकॉल के खिलाफ था.

इसके बाद एक वीडियो बनाया गया, जिसे सूत्रों के अनुसार रेंज के एक नाकेदार ने वायरल कर दिया. वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया. डीएफओ ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया.

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने कहा, “वीडियो हमारे संज्ञान में आया है और इसकी जांच चल रही है. हमने किसी स्थायी कर्मचारी को न तो सस्पेंड किया है और न ही हटाया है. यह अनुबंधित गाड़ी का ड्राइवर था, जिसे नियमों के उल्लंघन के कारण हटाया गया.”

प्रबंधन के अनुसार, चीतों से उचित दूरी बनाए रखने और उन्हें संभालने के लिए केवल प्रशिक्षित और अधिकृत कर्मचारियों को ही अनुमति है. ड्राइवर ने न केवल करीब जाकर पानी पिलाया, बल्कि वीडियो बनाकर उसे सार्वजनिक करना भी अनुशासनहीनता माना गया.

पार्क प्रबंधन ने पहले ही आसपास के गांववालों को चीतों से दूरी बनाए रखने और उन्हें कुछ न देने की सलाह दी थी. ऐसे में अपने ही स्टाफ के इस कृत्य को प्रबंधन ने गंभीरता से लिया. सूत्रों का कहना है कि वीडियो बनाने और वायरल करने में शामिल अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें ड्राइवर का साहस लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है. लेकिन कूनो प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि चीतों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल का पालन सर्वोपरि है, और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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