UP : योगी सरकार ने शुरू किया समग्र शिक्षा का सोशल ऑडिट, समय पर मिलेगीं किताबें, ड्रेस और मिड डे मील

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बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समाज के लोग जब निगरानी करेंगे, तो स्कूलों की व्यवस्था बेहतर होगी.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही योजनाओं की पारदर्शिता और जमीनी क्रियान्वयन की निगरानी को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य के 14 जिलों में सोशल ऑडिटर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों में ड्रेस, किताबें, मिड-डे मील और अन्य सुविधाएं सही समय पर बच्चों तक पहुंचें और कोई गड़बड़ी न हो.

फिलहाल यह प्रशिक्षण अम्बेडकरनगर, अमेठी, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बरेली, अयोध्या, गोंडा, खीरी, रायबरेली, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सीतापुर और सुल्तानपुर जैसे जिलों में जिला मुख्यालयों पर 23 अप्रैल तक चलाया जा रहा है. राज्य के बाकी जिलों में भी यह योजना जल्द शुरू होगी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की जिम्मेदारी इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ को सौंपी गई है.

इस प्रशिक्षण में 270 से अधिक क्लस्टर सोशल ऑडिटर्स (सीएसए) को अब तक ट्रेनिंग दी जा चुकी है. हर सत्र में 20 से 60 लोग भाग ले रहे हैं, जो जिले के 10 से 18 ब्लॉकों को कवर कर रहे हैं. प्रशिक्षण तीन प्रमुख विषयों पर आधारित है. समग्र शिक्षा की प्रमुख बातें, सोशल ऑडिट की प्रक्रिया और भूमिका, तथा ऑडिट टूल्स, रिपोर्टिंग और मूल्यांकन के तरीके. ये मॉड्यूल NCERT द्वारा तैयार किए गए हैं.

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने बताया कि जब समाज के लोग ही निगरानी करेंगे, तो स्कूलों की व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं बेहतर होगी. मंत्री ने कहा कि यह पहल शिक्षा को जन-भागीदारी से जोड़ने का एक मजबूत प्रयास है.

महानिदेशक स्कूल शिक्षा, कंचन वर्मा ने बताया कि सीएसए की भूमिका स्कूलों में ड्रेस, किताबें, पोषण आहार, एमडीएम और समावेशी शिक्षा जैसी योजनाओं की निगरानी करना है. इससे योजनाओं का ज़मीनी क्रियान्वयन बेहतर होगा. यह पूरी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि शिक्षा से जुड़े संसाधनों का सही उपयोग हो और कोई भी बच्चा सरकार की योजना से वंचित न रह जाए. यह मॉडल आगे चलकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में स्थापित हो सकता है.

बता दें कि समग्र शिक्षा अभियान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सभी बच्चों को समान, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. योगी सरकार का यह प्रयास शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है.

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