उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और किफायती आवास उपलब्ध कराने के योजना बनाई है और इस योजना को मंजूरी दो दी गई है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और किफायती आवास उपलब्ध कराने के मकसद से लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में आधुनिक छात्रावास के निर्माण की योजना बनाई है. मीडिया को जारी एक बयान के मुताबिक, ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई)’ योजना के तहत उत्तर प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के लिए कुल आठ हॉस्टल के निर्माण को मंजूरी दी गई है.
बयान के अनुसार, ये छात्रावास लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में बनाए जाएंगे और इनमें से प्रत्येक में 500 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी. बयान में बताया गया है कि छात्रावास निर्माण परियोजना के लिए 381.56 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने 251.8296 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है, जिसे राज्य के वित्त विभाग ने महिला कल्याण विभाग को हस्तांतरित कर दिया है. बयान के मुताबिक, छात्रावास बनाने के लिए निर्माण एजेंसी नामित कर दी गई है. इसमें कहा गया है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है.
देखने वाली बात ये है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का किसी दूसरे शहर में जाकर रहना ज्यादा मुश्किल होता है. क्योंकि किसी अनजान शहर में रहना खासकर के महिलाओं के लिए एक चिंता का विषय है. आज कल ज्यादातर महिलाएं बाहर पढ़ने या नौकरी करने के लिए जाती है, लेकिन सुरक्षित और सस्ते में रहने की सुविधा न मिलने पर उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खासकर के उन्हें जिनके पास वहां खुदका घर या तो किसी रिश्तेदार का सहारा न हो.
इस योजना के लागू होने से न सिर्फ उन्हें एक सुरक्षित ठिकाना मिलेगा, बल्कि आत्मनिर्भर बनने के रास्ते भी आसान होंगे. महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है.


