NATIONAL : देहरादून में बढ़ा डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, स्कूलों, अस्पतालों और लैब संचालकों को दिए निर्देश

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डेंगू के खतरे को लेकर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने को कहा है. इसके साथ ही जिले के स्कूलों, पैथालॉजिकल लैबों और ब्लड बैंक संचालकों को भी सुरक्षा के निर्देश दिए गए.

डेंगू संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज शर्मा ने जिले के सभी अस्पतालों, स्कूलों, पैथोलॉजिकल लैबों और ब्लड बैंक संचालकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर सतर्कता बरती जा रही है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के परीक्षण के लिए दरें भी तय कर दी हैं. अब जिले में पैथोलॉजिकल लैबों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित दरों पर ही डेंगू टेस्ट करें ताकि किसी भी मरीज से अनावश्यक शुल्क वसूली न हो. साथ ही सभी ब्लड बैंक संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करें और इन शिविरों की जानकारी सीएमओ कार्यालय के साथ साझा करें. इसके अलावा, ई-रक्तकोष पोर्टल पर भी स्टॉक की अद्यतन जानकारी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर शीघ्र रक्त उपलब्ध कराया जा सके.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि देहरादून के सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को डेंगू मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं. इन वार्डों में मच्छरदानी की व्यवस्था करना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि मच्छरों के जरिए संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके. साथ ही, अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि डेंगू के लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की जानकारी प्रतिदिन आईडीएसपी को भेजी जाए.

डॉ. शर्मा ने बताया कि सभी ब्लॉक चिकित्सा इकाइयों को सामूहिक स्तर पर घर-घर सर्वेक्षण के लिए माइक्रोप्लान तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. इस सर्वेक्षण में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. घरों में जमा पानी, पुराने टायर, कूलर आदि की जांच की जाएगी ताकि डेंगू के मच्छरों के पनपने की संभावना को समाप्त किया जा सके.

डेंगू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी स्कूलों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है. इसमें छात्रों को सलाह दी गई है कि वे पूरी आस्तीन की शर्ट और फुल पैंट पहनकर ही स्कूल आएं, ताकि मच्छरों से बचाव हो सके. इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने परिसरों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखें और पानी जमा न होने दें.

सामान्य जनता को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि लोग अपने घरों में पानी की टंकियों और अन्य जल संग्रहण पात्रों को हमेशा ढक कर रखें. साथ ही, सप्ताह में कम से कम एक बार इन स्थानों की सफाई अवश्य करें. घरों के आसपास जलभराव न होने दें और कूलरों का नियमित रूप से पानी बदलें. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि देहरादून में अब तक डेंगू के 15 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी है.

डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए सबसे कारगर तरीका जन जागरूकता है. यदि लोग खुद सतर्क रहेंगे, तो डेंगू संक्रमण को जिले में फैलने से रोका जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और आम जनता से भी अपील की जा रही है कि वे स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें और डेंगू मुक्त देहरादून बनाने में सहयोग दें.

 

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