NATIONAL : कोई शादी में शामिल होने आया तो कोई रिशेतेदार से मिलने… पाकिस्तान लौट रहे लोग क्या बोले

0
83
An Indian citizen with his children and his Pakistani wife, who were visiting Pakistan, wait for clearance to cross the border through Wagah, a joint border crossing point on the Pakistan and India border, near Lahore, Pakistan, Friday, April 25, 2025. AP/PTI(AP04_25_2025_000299A)

भारत में पाकिस्तानी नागरिकों ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने और आम लोगों को न सताने की अपील की. भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर 27 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया. अब तक सैकड़ों पाकिस्तानी और भारतीय नागरिक अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते वापस लौट चुके हैं.

भारत दौरे पर आए पाकिस्तानी नागरिकों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है, लेकिन साथ ही आम लोगों को सजा न देने की अपील भी की है. पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे. इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा 27 अप्रैल से रद्द करने का फैसला लिया है और भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से जल्द लौटने की सलाह दी है. हालांकि, मेडिकल वीजा 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे.

अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक भारत छोड़कर लौट रहे हैं. अधिकतर लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने या शादियों में शामिल होने आए थे, लेकिन अब उन्हें बीच में ही लौटना पड़ा. कराची की बासकारी ने बताया कि वह 10 साल बाद अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने आई थीं, लेकिन अब शादी के दिन ही वापस जाना पड़ रहा है. उनके पति मोहम्मद रशीद ने कहा कि उन्होंने 10 अप्रैल को 45 दिन का वीजा लिया था, लेकिन पुलिस ने घर आकर तुरंत लौटने को कहा.

रशीद ने कहा, ‘जो कुछ भी पहलगाम में हुआ वह गलत है. दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन आम जनता को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए. आम लोग एक-दूसरे से प्यार करते हैं, आतंकवादी माहौल खराब करते हैं.’ उन्होंने बताया, ‘मेरी पत्नी का जन्म भारत में हुआ था और मेरे ससुराल वाले यहीं रहते हैं. शादी आज सहारनपुर जिले में होनी थी. पुलिस हमारे रिश्तेदार के घर आई और हमें तुरंत चले जाने को कहा.’

सिंध के घोटकी से आए बाली राम ने बताया कि वह रायपुर में अपनी बेटियों से मिलने आए थे और अब जल्द लौट रहे हैं. कराची की दौलत और रावलपिंडी के एक बुजुर्ग नागरिक ने भी हमले की निंदा की और कहा कि निर्दोष लोगों का क्या कसूर?

घर वापस लौट रहे एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि वह अपनी मां के इलाज के लिए भारत में था और वह भाग्यशाली था कि यह इलाज कुछ दिन पहले ही पूरा हुआ.पाकिस्तान के उत्तरी सिंध में घोटकी के बली राम ने बताया कि जब हमले की खबर आई, तब वे रायपुर में अपनी तीन बेटियों से मिलने गए थे. ‘मैं 5 अप्रैल को आया था, लेकिन अब मुझे वापस लौटना पड़ रहा है. इस घटना को अंजाम देने वालों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोष पर्यटकों का क्या दोष?’

कराची की दौलत शादी के लिए 45 दिन के वीजा पर जोधपुर आई थीं. उन्होंने कहा, ‘जो कुछ भी (पहलगाम में) हुआ, वह अच्छा नहीं है. ऐसा नहीं होना चाहिए था,’ उन्होंने कुछ ट्रॉली सूटकेस घसीटते हुए एग्जिट गेट की ओर जाते हुए कहा. मुजम्मिल ने 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ‘आतंकियों को फांसी पर लटका देना चाहिए.’

रावलपिंडी के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि वे अपने रिश्तेदार की शादी के लिए लखनऊ आए थे, लेकिन अब उन्हें अपनी यात्रा बीच में ही छोड़नी पड़ रही है. शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन करके यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक देश छोड़ने की तय समय सीमा से आगे भारत में न रहे.

मुख्यमंत्रियों के साथ अमित शाह की टेलीफोन पर बातचीत के बाद, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द किए गए हैं, वे तय समय सीमा तक भारत छोड़ दें.केंद्र द्वारा समय सीमा तय किए जाने के बाद अटारी-वाघा रूट से भारत आने वाले 229 पाकिस्तानी नागरिक अब तक स्वदेश लौट चुके हैं. अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी देश की यात्रा पर गए कुल 392 भारतीय नागरिक भी वापस लौट आए हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here