DELHI : दिल्ली में शख्स बना हैवान! पड़ोसी के ‘हस्की’ डॉग को सीढ़ियों से फेंका, मासूम पपी की मौत, आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली में एक युवक ने अपने पड़ोसी के हस्की पपी को सीढ़ियों से फेंककर मार डाला, उसका आरोप था कि पपी ने उसके नवजात को काट लिया था. जबकि पपी के मालिक ने दूसरी कहानी सुनाई है.

दिल्ली में एक युवक को उसके मकान मालिक के हस्की पपी (Husky Puppy) को सीढ़ियों की बालकनी से फेंककर मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. आरोपी का कहना है कि पपी ने उसके नवजात बच्चे को काट लिया था, जिससे गुस्से में आकर उसने यह कदम उठाया, जबकि मालिक का कहना है कि पपी ने कथित तौर पर उसके दरवाजे पर पेशाब कर दिया था, इस वजह से उसने ऐसा किया.

पुलिस के मुताबिक, यह घटना 19 अप्रैल की रात को हुई, जब पपी के मालिक जितेन्द्र नागपाल लोनी में अपने काम पर गए हुए थे. उनका गोल्डन और ब्लैक हस्की, चेरी, उस समय घर से बाहर भाग गया, जब नागपाल के बेटे ने लांड्री वर्कर के लिए दरवाजा खोला. चेरी भागते हुए ऊपर की ओर चली गई, जबकि नागपाल का बेटा कपड़े इकट्ठा कर रहा था और उस आदमी को पैसे दे रहा था.

लांड्री वर्कर ने नागपाल के बेटे को बताया कि चेरी तीसरी मंजिल पर थी, जहां नागपाल के किराएदार रवि गुप्ता अपनी परिवार के साथ रहते हैं. नागपाल के बेटे ने जब तीसरी मंजिल पर जाकर चेरी को वापस लेने की कोशिश की, तबतक गुप्ता ने चेरी को गुस्से में आकर सीढ़ियों की बालकनी से फेंक दिया था. जब नागपाल का बेटा चेरी के पास पहुंचा, तो वह बेहोश हो गई थी.

FIR के मुताबिक, पुलिस ने गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 325 और 1960 के पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया. गुप्ता से पूछताछ की गई, तो उसने पुलिस को बताया कि चेरी ने उसके नवजात बच्चे को काट लिया था.

नागपाल ने इस पर सवाल उठाया, “कैसे हो सकता है कि वह उसे काटे, जबकि वह तो उसके घर तक नहीं पहुंची थी?” नागपाल ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने कुछ दिन पहले चेरी को अपनी बेटी के साथ खेलने के लिए लिया था, तब कोई समस्या नहीं हुई थी. उन्होंने बताया कि हो सकता है चेरी ने उनके दरवाजे पर पेशाब कर दिया होगा जिसके बाद उन्होंने ऐसा किया.

नागपाल ने बताया कि चेरी को मार्च में गोद लिया था. वो उनकी बेटी जैसी थी. उनके बच्चे चेरी की याद में रो रहे हैं. उन्हें गहरा सदमा लगा है. नागपाल का कहना है कि आरोपी गुप्ता के खिलाफ ज्यादा सख्त कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि उसके खिलाफ जो धाराएं लगाई गई हैं, वे जमानती अपराध हैं. ‘गुप्ता को कुछ घंटों में पुलिस ने छोड़ दिया.

इस घटना ने दिल्ली के पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और समुदाय में गुस्से की लहर पैदा कर दी है, जो इस तरह की क्रूरता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

 

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