NATIONAL : जयपुर में रह रहे पाकिस्तानी शरणार्थियों की PM मोदी से गुहार, बोले- ‘फिर से वहां नहीं जाना चाहते जहां…’

0
135

पहलगाम हमले के वक्त तकरीबन एक हजार ऐसे पाकिस्तानी नागरिक राजस्थान में रह रहे थे, जिनके पास लॉन्ग टर्म वीजा नहीं था. भारत सरकार के सख्त रुख के बाद 109 पाकिस्तानी नागरिक वापस अपने देश चले गए हैं, जबकि बाकी अब भी यही डटे हुए हैं. यह भारत छोड़कर वापस नहीं जाना चाहते, क्योंकि पाकिस्तान में इन्हें डर लगता है.

ऐसे लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत में ही बने रहने की इजाजत दिए जाने की गुहार लगाई है. 809 लोगों ने लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन भी कर दिया है. नब्बे फीसदी के करीब पाकिस्तानी नागरिक वापस अपने देश क्यों नहीं जाना चाहते भारत में ही रहना चाहते हैं, आइए जानते हैं.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले रमेश लाल वहां धार्मिक आधार पर हो रहे भेदभाव से इतना परेशान हुए कि कुछ दिनों पहले परिवार के तमाम सदस्यों के साथ जयपुर आ गए. यहां कढ़ाई का काम करते हुए परिवार का पेट पालते रहे और भारत की नागरिकता का इंतजार करने लगे. परिवार के तमाम सदस्य अब भी पाकिस्तान में ही हैं. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार का आदेश जारी होते ही उन्हें भी इस बात का डर सताने लगा कि अब पाकिस्तान वापस जाना होगा.

हालांकि जिस पाकिस्तान में वह डर और दहशत की जिंदगी बिता रहे थे, वहां वापस नहीं जाना चाहते. वह भारत को ही खुद अपने व परिवार के लिए सुरक्षित मानते हैं. पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार का आदेश जारी होते ही पूरे परिवार में हड़कंप मचा हुआ है. हर वक्त जबरन वापस भेजे जाने का खतरा मंडराता रहता है. वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें यही रहने की इजाजत दे. एक शरणार्थी के तौर पर उन्हें भारत की नागरिकता दे दी जाए.

रमेश लाल और उनके रिश्ते के भाई अजमत दास मेघवाल को इस बात की पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में दखल देंगे और उन्हें भारत में ही रहने की इजाजत देंगे. परिवार यह भी चाहता है कि उन्हें जल्द से जल्द भारत की नागरिकता भी दे दी जाए, ताकि दोबारा इस तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े.

रमेश लाल की तरह ही राजस्थान की मानसरोवर कॉलोनी में पैंसठ साल के भींगाराम भी रहते हैं. यह भी पाकिस्तान से आए हुए हैं और नागरिकता मिलने या फिर लॉन्ग टर्म वीजा मिलने के इंतजार में है. इनका कहना है कि हम भारत में ही रहना चाहते हैं, क्योंकि पाकिस्तान में डर लगता है. इनके मुताबिक जब हम सब कुछ छोड़कर यहां आ गए हैं तो अब पाकिस्तान वापस कैसे जा सकते हैं. सरकार को हमारा ख्याल रखना चाहिए. इस बात की उम्मीद भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारी मदद करेंगे.

रमेश लाल और भींगाराम अकेले ऐसे पाकिस्तानी नहीं हैं जो भारत छोड़कर वापस अपने मुल्क नहीं जाना चाहते. सैकड़ों की संख्या में ऐसे पाकिस्तानी हैं, जिन्हें भारत सुरक्षित लगता है और पाकिस्तान वापस जाने में डर सताता है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से नरमी की उम्मीद लगाए हुए हैं और पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपनी जिंदगी सुरक्षित रखने में मदद करने की गुहार लगा रहे हैं. इन्हें इस बात का भरोसा भी है कि प्रधानमंत्री इनकी मदद जरूर करेंगे और इन्हें भारत में बने रहने इजाजत भी देंगे.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here