पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी मेहरबान ने बताया कि उसके पिछले 5 साल से फारूक की पत्नी अमरीन से प्रेम संबंध थे. यह संबंध उस समय से चले आ रहे थे जब फारूक सऊदी अरब में रहकर नौकरी कर रहा था. जब फारूक वापस लौटकर आया तो उसे इसके बारे में पता लग गया. वह अपनी पत्नी से मारपीट करने लगा. उसके बाहर निकलने पर रोक लगाने लगा. ऐसे में अमरीन और अपने दोस्त उमर के साथ मिलकर फारूक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.

बिजनौर जिले के किरतपुर से एक ऐसी चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने मेरठ की ‘कातिल’ मुस्कान की याद ताजा कर दी. दरअसल, 28 अप्रैल की शाम को गांव रामपुर आशा में जब किसान अपने खेतों पर काम कर रहे थे तभी उन्हें फायरिंग की आवाज सुनाई दी थी. किसानों ने इसकी सूचना किरतपुर पुलिस को दी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसने देखा कि वहां पर एक युवक लहूलुहान हालत में पड़ा है और उसको गोली लगी हुई थी.
हालांकि, उस समय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी क्योंकि उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया था. गर्दन और चेहरे पर पीला कपड़ा बांधकर उसकी लाश को झाड़ियां में फेंक दिया गया था. पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की. बाद में पता चला कि मृतक का नाम मोहम्मद फारूक है और वह बिजनौर का ही रहने वाला था.
पूछताछ में सूचना देने वाले किसानों ने बताया कि मोटरसाइकिल से तीन लोग आए थे, लेकिन फायरिंग के बाद दो ही वापस लौटे. इसके बाद पुलिस ने उसी रोड पर पड़ने वाले सीसीटीवी फुटेज चेक किए जिसमें तीन युवक मोटरसाइकिल पर जाते दिखाई दिए. इनकी पहचान मोहल्ला अंसारियांन निवासी मोहम्मद फारूक, मेहरबान और उमर के रूप में हुई.


