NATIONAL : झारखंड शराब घोटाले में अब सीबीआई करेगी जांच, अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर नजर

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केंद्र सरकार ने झारखंड में लगभग 450 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी है. यह मामला 2022 में झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और कारोबारियों के गठजोड़ का आरोप सामने आने पर उजागर हुआ.

केंद्र सरकार ने झारखंड में शराब घोटाले को लेकर बड़ा फैसले लेते हुए इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह शराब घोटाला करीब 450 करोड़ रुपये का है. सीबीआई की जांच से अब अंतरराज्यीय तक फैले भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.

शराब घोटाला का मामला सबसे 2022 में सामने आया था. आरोप है कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के अफसरों और कारोबारियों न मिलकर शराब वितरण प्रणाली में बदलाव किया और घोटाले को अंजाम दिया. आरोप है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में शराब वितरण प्रणाली में बदलाव किया गया. इसके जरिए टेंडर में गड़बड़ी की गई. नकली होलोग्राम वाली शराब बेचे गई और इसका लाभ कुछ चुनिंदा ठेकेदारों ने लिया.

किन लोगों पर है आरोप?

गजेंद्र सिंह (उप आयुक्त, झारखंड)
अनवर ढेबर (व्यापारी)
अनिल तुतेजा (पूर्व अफसर, छत्तीसगढ़)
अरुणपति त्रिपाठी (पूर्व अफसर)
विनय चौबे (पूर्व उत्पाद सचिव, झारखंड)
अभी तक जांच में क्या हुआ?

झारखंड की सरकार की ओर से इस घोटाले में सीबीआई की जांच की अनुमति नहीं दी गई थी. जिस वजह से मामला लटका हुआ था. जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी.छत्तीसगढ़ सरकार के औपचारिक रूप से केंद्र सरकार से सीबीआई जांच करने का अनुरोध किया था. अब केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है.
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में कई जगहों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त किए हैं.

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