पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर में जहरीली शराब पीने से हुई 21 मौतों को हत्या करार दिया. मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और बच्चों की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठाएगी. मान ने कहा कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे और राज्य सरकार अपराधियों को कड़ी सजा दिलाएगी.

पंजाब के अमृतसर के मजीठा जिले में जहरीली शराब से होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़कर 21 पहुंच गया. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर ढाढ़स बढ़ाया. उन्होंने कहा कि जो भी जहरीली शराब के बिक्री में शामिल होगा, उनकी कोई परवाह नहीं की जाएगी और सख्त सजा दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री मान ने जहरीली शराब पीने से हुई मौत को हत्या करार दिया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये का मुआवजा का ऐलान किया है. साथ ही पीड़ित बच्चों के शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये मौतें केवल दुर्घटनाएं नहीं है. बल्कि ये हत्याएं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग इस अपराध में शामिल होंगे उन्हें राज्य सरकार सबसे कठोर सजा दिलाने में किसी भी तरह का कसर नहीं छोड़ेगी. इस अपराध के बीच राजनीतिक संरक्षण की बात भी सामने आ रही, जिसकी जांच की जा रही है.
उन्होंने कहा, आरोपियों ने दिल्ली से 600 लीटर मेथेनॉल ऑनलाइन ऑर्डर किया था, जिसका इस्तेमाल नकली शराब बनाने में किया गया. पुलिस ने मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित तौर पर मास्टरमांड भी शामिल है.
मजीठा के भांगाली, पतालपुरी, मरारी कालान, तलवंडी खुम्मन, कर्नाला, भंगवान और ठेरेवाल गांवों में सोमवार रात ये मौतें हुईं. वहीं, कई लोगों की हालात अभी भी गंभीर बनी हुई है जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.अमृतसर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पंजाब पुलिस और उत्पाद शुल्क अधिकारियों ने मंगलवार को बाबा बंडा सिंह बहादुर शंभू-बनूर रोड के पास 600 लीटर मेथेनॉल जब्त किया है.
पंजाब के पटियाला जिले के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस वरुण शर्मा ने बताया है कि जो 600 लीटर मेथेनॉल जब्त हुआ है उसका अमृतसर की नकली शराब त्रासदी से तार जुड़ा हुआ हो सकता है.


