UP : लखनऊ चिड़ियाघर समेत उत्तर प्रदेश के सभी प्राणी उद्यान बंद, जानें क्या है वजह

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लखनऊ चिड़ियाघर के साथ ही इटावा में लायन सफारी समेत सभी प्राणी उद्यान एक हफ्ते के लिए बंद कर दिए गए हैं. गोरखपुर में एक टाइगर की मौत के बाद और सतर्कता बढ़ा दी गई है.

उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू की खबर के बाद वन विभाग अलर्ट पर है. लखनऊ चिड़ियाघर के साथ ही इटावा में लायन सफारी समेत सभी प्राणी उद्यान एक हफ्ते के लिए बंद कर दिए गए हैं. सभी जगह जरुरी एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं. गोरखपुर में एक टाइगर की मौत के बाद और सतर्कता बढ़ा दी गयी है.

यूपी के वन मंत्री अरुण सक्सेना ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि जब से गोरखपुर में एक टाइगर की मौत हुई और भोपाल के वायरोलॉजिकल लैब में हुई जांच में उसमें बर्ड फ्लू पॉजिटिव आया तब उसके बाद से मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए और एक हफ्ते के लिए सभी जू और इटावा की लाइन सफारी बंद की गई है. इसके साथ ही सभी जगह जांच कराई जा रही है कि कोई भी जानवर जो किसी भी तरीके से पीड़ित है उसके तुरंत इलाज की व्यवस्था की जा रही है.

इसके साथ ही यह आदमियों में ना फैले इसके लिए प्राणी उद्यान के अंदर लोगों का जाना बंद कर दिया गया है. वहीं जो लोग वहां काम करने के लिए जा रहे हैं उनको वहां मास्क पहन के जाने के लिए कहा गया है. उनको पीपीई किट और गाउन पहन कर जाने के लिए कहा गया है. जिससे उनको किसी तरीके का इन्फेक्शन ना हो, साथ ही वहां सफाई और पानी का विशेश ध्यान दिया जा रहा है .साथ ही साथ इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि वन्य जीवों को जो खाना मिल रहा है वह कहां से आया और जो खाना आता है उसकी भी जांच कराई जा रही है कि वहां से तो कोई इंफेक्शन नहीं आया है.

मंत्री ने कहा, इस बीमारी का इंसानों में भी फैलने का डर है. उन्होंने कहा है कि यह बीमारी पशुओं से इंसान में भी फैल सकती है. इसके लिए आम लोगों को अंदर जाने से रोक दिया गया है. जिससे बच्चे और अन्य लोग जो जू में जानवरों को देखने आते हैं, उनमें इन्फेक्शन ना पहुंचे. इसके साथ ही जो हमारे लोग काम कर रहे हैं, वो मास्क और पीपीई किट पहन कर जाएं. जिससे उनको कोई दिक्कत ना हो. ,वहीँ हम आम आदमी को जागरूक भी कर रहे हैं कि वह अपने हाथ साबुन से बार-बार धोते रहे और मास्क लगा करके ही अंदर जाएं. इसके साथ ही अगर किसी भी जानवर को कुछ होने का अंदेशा है तो उसपर तुरंत एक्शन लिया जाए.

एक हफ्ते हो जाने के बाद एक बार दोबारा से जांच की जाएगी कि क्या स्थिति है कहीं ऐसी बात तो नहीं है और अगर सब ठीक निकलता है तो फिर उसी हिसाब से आगे की कार्यवाई की जाएगी.

 

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