UP : उन्नाव में CBI की टीम ने फर्जी सिम डीलरों का किया खुलासा, 300 से ज्यादा सिम कराईं ब्लॉक

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उन्नाव में फर्जी नाम-पते से सिम कार्ड लेकर साइबर फ्रॉड को लेकर सीबीआई ने साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. इसमें 39 मोबाइल कार्ड डीलरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में फर्जी नाम-पते से सिम कार्ड लेकर साइबर फ्रॉड को लेकर सीबीआई ने साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. आपको बता दें की सीबीआई ने 39 मोबाइल कार्ड डीलरों (पॉइंट ऑफ सेल) पर FIR दर्ज की है. आपको बता दें की 39 सिम कार्ड डीलर में 9 यूपी के हैं. जिसमें उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के भगवंत नगर क्षेत्र के अमित टेलीकॉम का आशीष शामिल है.

बताया जा रहा है कि ग्राहक को केवाईसी फेल होने का झांसा देकर दोबारा केवाईसी के नाम पर दूसरा सिम एक्टिवेट करते थे. एसपी दीपक भूकर ने बताया कि इसके साथ-साथ जो विभिन्न IMEI और सिम्स जो रिपोर्ट्स हुए हैं. हमने लगभग 450 IMEI ब्लॉक करवाए और 350 सिम जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी मदद से ब्लॉक करवाया है. ताकि वो आगे किसी साइबर क्राइम में यूज न हो .

आपको बता दें की उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवंतनगर गढेवा स्थित “अमित टेलीकॉम” नामक मोबाइल टेलीकॉम दुकान पर फर्जी सिम कार्ड बेचने का गंभीर आरोप लगा है. जिसको लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए EO द्वितीय थाने में एक विस्तृत एफआईआर दर्ज कराई है. जिसमें कुल 39 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

वहीं उन्नाव एसपी दीपक भूकर भी साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट हैं. एसपी दीपक भूकर ने पहले से ही एक टीम को लगाया हुआ है, जो साइबर फ्रॉड में शामिल नंबर पर कार्रवाई कर रही है. वहीं आपको बता दें की सीबीआई की एफआईआर में उन्नाव के आशीष नामक दुकानदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी गई है. बताया जा रहा है कि बीते दिनों सीबीआई की टीम ने भगवंतनगर गढेवा स्थित अमित टेलीकॉम की दुकान पर छापेमारी की थी. सूत्रों की मानें तो सीबीआई की जांच के दौरान टीम को ऐसे कई दस्तावेज और साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिससे माना जा रहा है की फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए गए थे और उन्हें अवैध रूप से सक्रिय किया गया था.

वहीं सीबीआई का आरोप है कि इन सिम का उपयोग डिजिटल अरेस्ट, जासूसी, साइबर सिम कार्डों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया गया. वहीं आपको बता दें की CBI द्वारा दर्ज की गई FIR में आशीष को नामजद किया गया है. आरोप है कि दुकानदार ने असली दस्तावेजों की बजाय नकली या संशोधित पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड जारी किए. CBI का आरोप है कि यह कार्य जानबूझकर और एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर किया गया है.

वहीं CBI की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य मोबाइल टेलीकॉम दुकानदारों में हड़कंप मच गया है. एसपी उन्नाव दीपक भूकर ने बताया की उन्नाव पुलिस में जो साइबर क्राइम थाना है, साइबर हेड क्वार्टर या हमारे साइबर क्राइम पोर्टल पर जो शिकायतें होती है, उसके माध्यम से उन्नाव जनपद में हमने 700 पीओएस एजेंट 4500 सिम आइडेंटिफाई किए हैं. जो विभिन्न साइबर क्राइम अपराधों में यूज हुए हैं, या उन नंबरों की रिपोर्टिंग हुई है. हम सभी थाना क्षेत्रों से सत्यापन करा रहे है. ऐसे जितने भी एजेंट होंगे, जिन्होंने फर्जी सिम यहां बेचें होंगे, या किसी को दिए होंगे, उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे.

एसपी दीपक भूकर ने बताया की हमने करीब 170 म्यूल अकाउंट भी आइडेंटिफाई किए हैं, जो साइबर क्राइम के विभिन्न पोर्टल है, उन पर वो रिपोर्ट्स हुए हैं. उनका सत्यापन भी उन्नाव पुलिस के द्वारा किया जा रहा है और उसमें भी हम आगे की विधिक कार्यवाही करेंगे.

 

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