जिस वक्त एसी में आग लगी उस समय कमरे में आठ साल की बच्चा और चार महीने बच्ची मौजूद थी. जिसके बाद बच्चा बहादुरी दिखाते हुए अपनी बहन को गोद में लेकर दूसरे कमरे में चला गया.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट वेस्ट की आस्था ग्रीन सोसाइटी में सुबह एक फ्लैट में एसी की इनर यूनिट में अचानक आग लग गई, जिससे पूरी यूनिट पिघलकर अलमारी पर गिर गई. जिस वक्त एसी में आग लगी उस समय कमरे में आठ साल की बच्चा अपनी चार महीने की छोटी बहन के साथ था. आग लगते ही बच्चे ने बहादुरी दिखाते हुए बच्ची को उठा लिया और दूसरे कमरे में ले गया. बच्चे की समझदारी से घर में बड़ा हादसा होने से बच गया.
गर्मियों के मौसम में अक्सर एसी में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती है. एसी के ज्यादा इस्तेमाल की वजह ऐसा हो जाता है. इसी क्रम में बुधवार की सुबह ग्रेटर नोएडा की आस्था ग्रीन सोसाइटी के फ्लैट नंबर 103,में रहने वाले प्राशिक के घर में लगे एसी में आग लग गई. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त वो अपने दफ्तर में थे. घर में पत्नी और दो बच्चे मौजूद था. एसी से आवाज आने के बाद धुंआ और फिर आग निकलने लगी. कमरे में मौजूद दोनों बच्चे खतरे में थे. लेकिन, आग बढ़ने से पहले बेटे ने बहादुरी दिखाते हुए बहन को दूसरे कमरे में सुरक्षित ले गया.
परिवार का आरोप है कि आग लगने के बावजूद फ्लैट में लगा फायर स्प्रिंकलर काम नहीं कर पाया. पीड़ित ने तुरंत बिल्डर प्रबंधन को सूचना दी. लेकिन, उसकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. जिसके बाद उन्होंने सोसाइटी के ग्रुप में मैसेज किया तब कर्मचारी फ्लैट में पहुंचे. लेकिन तब तक एसी पूरी तरह जल चुका था और पिघलकर अलमारी पर गिर गया, जिससे अलमारी भी क्षतिग्रस्त हो गई.
इस घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. यहां रहने वाले बिपिन सिंह ने बताया कि वो हर महीने नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं बावजूद इसके बिल्डर प्रबंधन सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरत रहा है. फायर सेफ्टी के लिए लगे उपकरण सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं. बिल्डर प्रबंधन के कर्मचारी अंकुश ने तमाम आरोपों से इनकार किया और कहा कि एसी में धमाका हुआ था, आग नहीं लगी थी. सोसाइटी में लगे सभी सुरक्षा उपकरण ठीक तरीके से काम कर रहे हैं.

