NATIONAL : गोरखपुर के इन 5 इलाकों में Bird Flu, पक्षियों को मारने का अभियान शुरू

0
99

गोरखपुर के पांच इलाकों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. प्रशासन ने सभी जिंदा पक्षियों की मंडियां 21 दिन के लिए बंद कर दी हैं और संक्रमित क्षेत्रों में कुलिंग का काम शुरू हो गया है. एक किलोमीटर के दायरे में विशेष सफाई अभियान चल रहा है. अब तक 1,328 नमूनों की जांच की गई है.

गोरखपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया है. जिले के पांच इलाकों में पक्षियों में एच5एन1 और एच9एन2 वायरस पाए गए हैं. इसको देखते हुए प्रशासन ने शहर के सभी जिंदा पक्षियों की बिक्री वाली मंडियों को 21 दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया है और संक्रमित क्षेत्रों में पक्षियों की हत्या (कुलिंग) का अभियान शुरू कर दिया गया है.

नगर आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, झुंगिया बाजार, एल्युमिनियम फैक्ट्री क्षेत्र, तारामंडल, भगत चौराहा और शहीद अशफाकउल्ला खान प्राणि उद्यान से लिए गए नमूनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. ये जानकारी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज़ (NIHSAD), भोपाल से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर दी गई है.

अतिरिक्त नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि केंद्रीय सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, संक्रमित क्षेत्रों के एक किलोमीटर के दायरे में कुलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है. सभी जिंदा पक्षियों को मारने और पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज करने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि वायरस के फैलाव को रोका जा सके.

बर्ड फ्लू के नियंत्रण के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) के नेतृत्व में जिले की रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय कर दिया गया है. साथ ही सदर पशु चिकित्सालय में एक नियंत्रण कक्ष (Control Room) भी स्थापित किया गया है, जहां से पूरे अभियान की निगरानी की जा रही है.अब तक गोरखपुर जिले से कुल 1,328 नमूने जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से इन पांच स्थानों पर वायरस की पुष्टि हुई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संक्रमित क्षेत्रों में न जाएं और मरे हुए पक्षियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें.

बर्ड फ्लू (Avian Influenza) एक संक्रामक रोग है, जो पक्षियों से इंसानों में भी फैल सकता है. इसके वायरस (H5N1, H9N2 आदि) गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. अगर आपके इलाके में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, तो नीचे दिए गए सुझावों का पालन जरूर करें:

क्या करें (Do’s):
पके हुए चिकन और अंडे खाएं:
अच्छी तरह पकाए गए चिकन और अंडे खाना सुरक्षित होता है.
कम से कम 70°C तापमान पर मांस को पकाएं.

बीमार या मरे हुए पक्षियों से दूर रहें:
किसी भी बीमार या मृत पक्षी को छूने से बचें.
ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशासन या पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here