श्रीनगर में भीषण गर्मी ने 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. आज श्रीनगर में तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो दिल्ली के अधिकतम तापमान से 1.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. इस घटना ने साफ कर दिया है कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से पहाड़ी इलाके भी तेजी से गर्म हो रहे हैं.

उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों ने जून के महीने में भीषण गर्मी झेली. लेकिन, बीते कुछ दिनों से हुई बारिश ने मौसम को सुहाना कर दिया है. हालांकि, आज (शुक्रवार) को दिल्ली से ज्यादा जून की तपिश पहाड़ी शहर श्रीनगर में देखने को मिली.
श्रीनगर अमूमन न ज्यादा ठंड और न ज्यादा गर्म रहने वाला शहर है. लेकिन, 2025 में गर्मी ने श्रीनगर में 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 2005 के बाद पहली बार इतनी गर्मी श्रीनगर में पड़ी है.
दिल्ली का मौसम आज श्रीनगर से भी ठंडा रहा. राजधानी दिल्ली के सभी मौसम केंद्रों ने 35 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान दर्ज किया. वहीं, श्रीनगर में आज का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जो कि पिछले 20 सालों में जून के महीने में सबसे अधिक रहा.
श्रीनगर में बढ़ता तापमान इस बात के संकेत हैं कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव पहाड़ी इलाकों तक पहुंच रहे हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है. श्रीनगर में बढ़ते तापमान ने वैज्ञानिकों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
साउथ-वेस्ट मानसून ने बीते दो दिनों में सेंट्रल, वेस्टर्न और ईस्टर्न इंडिया के बड़े हिस्से को कवर कर लिया है. अब अगले दो दिनों में यह दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में पहुंचने की उम्मीद है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 जून से 25 जून तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी राजस्थान सहित नॉर्थ-वेस्ट इंडिया के बड़े हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है.


