एअर इंडिया ने अपनी सभी बोइंग 787 और 737 विमानों की फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) लॉकिंग मैकेनिज़्म की जांच पूरी कर ली है और उनमें कोई समस्या नहीं पाई गई है. यह जांच 12 जून को हुए अहमदाबाद हादसे के बाद की गई, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी. DGCA ने एयरलाइंस को फ्यूल कंट्रोल स्विच के इंस्पेक्शन के निर्देश दिए थे.

एअर इंडिया ने मंगलवार को बताया कि उसने अपनी पूरी बोइंग 787 और बोइंग 737 फ्लीट में फ्यूल कंट्रोल स्विच (Fuel Control Switch – FCS) लॉकिंग मैकेनिज़्म की ऐहतियाती जांच पूरी कर ली है. एक बयान में एयरलाइन ने बताया कि जांच के दौरान फ्यूल स्विच में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई.
यह कार्रवाई 12 जून को हुए एक भयावह विमान हादसे के बाद की गई. उस दिन एक एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के तुरंत बाद एक इमारत से टकराकर क्रैश कर गया था. इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 19 जमीन पर मौजूद लोग भी शामिल थे. विमान में सवार 242 यात्रियों में से सिर्फ एक ही यात्री जीवित बच सका था.
एअर इंडिया ने जानकारी दी कि उसने 12 जुलाई को DGCA के आधिकारिक निर्देश से पहले ही इसकी जांच शुरू कर दी थी. कंपनी ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जांच पूरी कर ली गई और इसकी जानकारी रेगुलेटर को भी दे दी गई है. एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस, दोनों की फ्लीट पर यह जांच की गई.एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “जांच के दौरान लॉकिंग मैकेनिज्म में कोई समस्या नहीं पाई गई. हम यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.” जांच की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के उस आदेश के बाद की गई है, जिसमें भारत में उड़ान भर रहे बोइंग सहित अन्य विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच सिस्टम की जांच के निर्देश दिए गए थे.
12 जून की एअर इंडिया विमान दुर्घटना की 15 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि टेक-ऑफ के एक सेकंड के भीतर ही इंजन को फ्यूल देने वाले स्विच ‘RUN’ से ‘CUT OFF’ मोड में चले गए थे, जिससे इंजन को फ्यूल सप्लाई फ्रीज हो गई और यह हादसा हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने 180 नॉट्स की स्पीड तक पहुंचने के बाद कुल 30 सेकंड में क्रैश कर गया. हालांकि, रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि नहीं की गई कि फ्यूल स्विच फ्लाइट के दौरान कैसे बंद हो गए.


