NATIONAL : जेल से रिहा होते ही भव्य स्वागत, ढोल-नगाड़ों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ निकाला गया जुलूस

0
771

दीपक चौधरी को मुजफ्फरनगर जेल से शनिवार की देर रात जमानत पर रिहा किया गया था. रविवार को ढिंढाली गांव के शिव मंदिर से ऊन तहसील तक करीब 2 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया.उत्तर प्रदेश के शामली जनपद की ऊन तहसील में पिछले दो महीनों से धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगर पंचायत सभासद दीपक चौधरी के जेल से रिहा होने पर उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले के साथ भव्य स्वागत किया.

दीपक चौधरी को मुजफ्फरनगर जेल से शनिवार की देर रात जमानत पर रिहा किया गया था. रविवार को ढिंढाली गांव के शिव मंदिर से ऊन तहसील तक करीब 2 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया, जिसमें खुली गाड़ी में दीपक चौधरी को ले जाया गया. इस दौरान जगह-जगह लोगों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया.

दरअसल दो महीने पहले ऊन कस्बे के झिंझाना थाना क्षेत्र में विद्युत विभाग की टीम ने छापेमारी कर बिजली चोरी पकड़ी थी. इस दौरान ग्रामीणों और विद्युत विभाग कर्मियों के बीच हाथापाई हो गई थी. विद्युत विभाग ने कई नागरिकों पर मुकदमे दर्ज कराए, जिसके विरोध में दीपक चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ऊन तहसील परिसर में धरना शुरू किया था. दीपक चौधरी शहीद भगत सिंह युवा समिति के अध्यक्ष हैं उन्होंने विद्युत विभाग पर नागरिकों का शोषण करने का आरोप लगाया और मुकदमे रद्द करने की मांग की.धरना-प्रदर्शन के दौरान 8 अगस्त को दीपक चौधरी और 15-20 अन्य लोगों पर एक स्थानीय पत्रकार द्वारा दैनिक जागरण की प्रतियां जलाने के आरोप में झिंझाना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में 26 अगस्त को दीपक चौधरी को गिरफ्तार कर मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया था. शनिवार देर रात उन्हें जमानत पर रिहा किया गया.

जेल से रिहा होने के बाद रविवार को दीपक चौधरी का स्वागत ढिंढाली गांव के शिव मंदिर से शुरू हुआ. सैकड़ों समर्थकों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, कारों और ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला, जो ऊन तहसील तक पहुंचा. खुली गाड़ी में सवार दीपक चौधरी का जगह-जगह माल्यार्पण कर स्वागत किया गया. जुलूस के बाद वे फिर से धरना-प्रदर्शन में शामिल हो गए.

धरना संरक्षक सत्यवान चौधरी ने कहा कि दीपक चौधरी जनता की आवाज उठा रहे हैं. विद्युत विभाग के उत्पीड़न के खिलाफ हमारा धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं. उनका जेल से लौटना हमारे आंदोलन को और मजबूत करेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here