NATIONAL : उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात खराब, चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित

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उत्तराखंड में इन दिनों बारिश अपना लगातार कहर बरपा रही है जिसके चलते चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक स्थगित कर दी गई है.उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश को देखते हुए, सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है. गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं.

जिन्हें सरकार प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा ओर सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को 05 सितम्बर 2025 तक स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा मार्गों पर प्रस्थान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें. मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के उपरांत यात्राओं को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. यात्रियों से अनुरोध है कि धैर्य एवं संयम बनाए रखें तथा यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करते रहें.भारी बारिश के चलते उत्तराखंड के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर सड़कें मलबे से बाधित हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है.

कई जगहों पर भूस्खलन से पुलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि अलकनंदा और भागीरथी जैसी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है. ऐसे में प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता.

गढ़वाल मंडल कमिश्नर ने बताया कि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसके मद्देनजर राहत और बचाव दलों को सतर्क कर दिया गया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं. सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है.प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. साथ ही किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी है.

 

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