नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है. ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक कन्या पूजा को करने से नवग्रह प्रसन्न होते हैं. जानते हैं इस साल कन्या पूजन कब है?2025 की शुरुआत हो चुकी है. हर तरफ माता रानी के भक्त उनकी भक्ति में लीन हैं. नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन किया जाता है. जिसमें छोटी-छोटी कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर उनकी पूजा अर्चना कर भोजन कराया जाता है.
मान्यताओं के मुताबिक प्रत्येक कन्याओं में माता का रूप विद्यमान होता है, इस वजह से नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन करना बेहद जरूरी है.
कन्या पूजन का संबंध नवग्रहों से
नवरात्रि में सही तरीके से कन्या पूजन करने पर हम अपने नवग्रहों को खुश कर सकते हैं, क्योंकि कन्या पूजन धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक बदलाव, सुख, समृद्धि और यश को बुलाने का एक माध्यम भी है.

कन्या पूजन के दौरान बनने वाले प्रसाद का संबंध हमारे ग्रहों से भी होता है. आइए जानते हैं इसके बारें में.
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कन्या पूजन को सही विधि से करने पर हम अपने 9 ग्रहों को एक्टिव करने का काम करते हैं और मां दुर्गा की कृपा पाते हैं.
कन्या पूजन कब है? (Kanya Puja Kab Hai)
अष्टमी तिथि
नवरात्रि की अष्टमी तिथि को कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है. इस दिन कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है.
नवमी तिथि
बहुत से लोग कन्या पूजन नवमी तिथि को भी करते हैं. नवमी तिथि शक्ति साधना का अंतिम चरण माना जाता है. इस दिन भी कई जगह छोटी-छोटी कन्याओं को भोजन कराया जाता है.
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अंकुर अग्निहोत्री ज्योतिष और धार्मिक विषय के जानकर हैं, ये बीते एक साल से abplive.com से जुड़े हुए हैं और विभिन्न विषयों पर लेखन कार्य कर रहे हैं. इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है. दिल्ली में जन्मे अंकुर अग्निहोत्री को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, स्वप्न शास्त्र में विशेष रुचि रखते हैं. ये डिजीटल प्लेट फॉर्म पर ज्योतिष को लोकप्रिय और इसकी विश्वनीयता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, इनका मकसद नई पीढ़ी को ज्योतिष, धर्म और आध्यत्म की शक्ति से रूबरू कराना है. ज्योतिष व धर्म के साथ इनको साहित्य पढ़ने और फिल्में देखने का भी शौक है.


