महाराष्ट्र के पिंपरी चौविसवाड़ी की राम स्मृति सोसाइटी में पुरानी लिफ्ट में फंसने से 12 साल के बच्चे की मौत हो गई. लिफ्ट तीसरी और चौथी मंजिल के बीच अचानक रुक गई थी.
महाराष्ट्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, पिंपरी चिंचवड़ के चौविसवाड़ी इलाके में गुरुवार (2 अक्टूबर) की शाम राम स्मृति सोसाइटी में एक 12 साल के बच्चे की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ जब इमारत की पुरानी लिफ्ट तीसरी और चौथी मंजिल के बीच अचानक रुक गई.
जानकारी के मुताबिक, 12 साल का एक लड़का लिफ्ट में सवार होकर ऊपर जा रहा था. यह लिफ्ट पुराने डिज़ाइन की थी, जिसका दरवाजा लोहे की सलाखों से बना था. खेलते-खेलते बच्चे का पैर लिफ्ट के दरवाजे की सलाखों से बाहर निकल गया. इसी दौरान लिफ्ट दो मंजिलों के बीच फंस गई. बच्चे का पैर सलाखों में फंस गया, जिससे वह बाहर निकलने की कोशिश में चिल्लाने लगा. उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बच्चे के माता-पिता को बुलाया गया.

लोगों ने बच्चे को निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन लिफ्ट का पुराना ढांचा और सलाखों में फंसा पैर स्थिति को और मुश्किल बना रहा था. समय बीतता जा रहा था, और बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही थी. स्थानीय लोगों ने तुरंत पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के दमकल विभाग को सूचना दी. दमकल कर्मी जल्दी से मौके पर पहुंचे और कटर की मदद से लिफ्ट का दरवाजा काटकर बच्चे को बाहर निकाला.
बच्चे को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अफसोस अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी.
यह हादसा पुरानी लिफ्टों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल उठाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि राम स्मृति सोसाइटी की लिफ्ट काफी पुरानी थी और इसका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया था. इस घटना के बाद प्रशासन से मांग की जा रही है कि पुरानी इमारतों में लिफ्टों की सुरक्षा जांच को और सख्त किया जाए. पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि लिफ्ट की तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी. साथ ही, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में कदम उठाए जाएंगे.


