NATIONAL : ‘सौरव गांगुली को ICC अध्यक्ष होना चाहिए’, सीएम ममता बनर्जी ने जमकर की पूर्व कप्तान की तारीफ

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ईडन गार्डन्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि सौरव ने देश, दुनिया और बंगाल- तीनों के लिए योगदान दिया है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडन गार्डन्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जमकर तारीफ की और कहा कि अब उन्हें ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) का अध्यक्ष होना चाहिए. सीएम ममता ने कहा, “हम चाहते थे कि सौरव भारत के कप्तान बनें और उन्होंने देश, दुनिया और बंगाल- तीनों के लिए योगदान दिया. अब मैं कहूंगी कि सौरव गांगुली को ICC अध्यक्ष बनना चाहिए. वे फिलहाल वहां नहीं हैं, लेकिन एक दिन ICC अध्यक्ष जरूर बनेंगे.”

ममता बनर्जी ने ईडन गार्डन्स की तारीफ करते हुए कहा, “यह सिर्फ ईडन गार्डन्स नहीं, बल्कि गोल्डन गार्डन है. ईडन गार्डन से सोना निकलता है.” उन्होंने सौरव गांगुली की कप्तानी में नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल (2002) में लॉर्ड्स बालकनी में हुई उनकी ऐतिहासिक जीत का जिक्र भी किया और कहा कि मैं आज भी गांगुली का वह जश्न याद करती हूं. वह क्षण पूरे भारत के गर्व का था.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरव गांगुली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि बंगाल की शान हैं. उन्होंने कहा, “गांगुली ने बंगाल का सिर ऊंचा किया है. उन्होंने क्रिकेट में जो किया, वह इतिहास बन गया. देश को ऐसे और आइकॉन चाहिए.”

कार्यक्रम में ममता ने बंगाल की महिला खिलाड़ियों की भी सराहना की. उन्होंने ऋचा घोष, झूलन गोस्वामी और अन्य खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य की बेटियां क्रिकेट, फुटबॉल, तैराकी और तीरंदाज़ी में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. ममता ने कहा, “मुझे विश्वास है कि बंगाल के तीरंदाज आने वाले ओलंपिक में पदक लाएंगे. हम अपनी बेटियों को हर क्षेत्र में शीर्ष पर देखना चाहते हैं.”

‘दादा’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और करिश्माई कप्तानों में गिने जाते हैं. उन्होंने 1992 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया और 1996 में लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार शतक के साथ टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा. गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में 7,000 से अधिक रन और 311 वनडे में 11,000 से ज्यादा रन बनाए.

कप्तान के रूप में उन्होंने भारतीय टीम को आक्रामकता, आत्मविश्वास और नई पहचान दी. उनके नेतृत्व में भारत 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान जैसी टीमों को उनके घर में चुनौती दी. कप्तानी के बाद भी गांगुली ने घरेलू क्रिकेट में शानदार वापसी की और क्रिकेट प्रशासन में भी अपनी अहम भूमिका निभाई. 2019 में वे BCCI अध्यक्ष भी चुने गए थे.

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