बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा सेंट्रल जेल से वायरल वीडियो में कैदी पार्टी करते नजर आए थे. इसके बाद कर्नाटक सरकार ने जेल अधीक्षक मागेरी और एएसपी अशोक भजनत्री को बर्खास्त कर दिया, जबकि मुख्य अधीक्षक सुरेश का तबादला किया गया है.
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में है. लगातार दो दिनों में आए दो वीडियो ने जेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इन वीडियोज के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए जेल अधीक्षक मागेरी और सहायक अधीक्षक अशोक भजनत्री को बर्खास्त कर दिया है, जबकि मुख्य अधीक्षक सुरेश का तबादला कर दिया गया है.पहला वीडियो, जो करीब एक हफ्ते पुराना बताया जा रहा है, में कैदी ‘पार्टी ऑल नाइट’ का नारा लगाते, गाते-बजाते और नाचते दिख रहे हैं. वे थालियों और मग को वाद्य यंत्र की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस वीडियो के सामने आने से ठीक एक दिन पहले दूसरा वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आईएसआईएस से जुड़ा आरोपी, सीरियल रेपिस्ट उमेश रेड्डी और अभिनेता तारुण जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी और अन्य सुविधाओं का आनंद लेते नजर आए थे.मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, “सरकार किसी भी हालत में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर जेल में यही सब चलना है, तो फिर उसे जेल क्यों कहा जाए?” उन्होंने बताया कि संबंधित अफसरों पर निलंबन और एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आगे और भी कार्रवाई होगी.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जेल को “आतंकियों के स्लीपर सेल” में बदल दिया है, जहां कैदियों को लक्ज़री सुविधाएं मिल रही हैं. इतना ही नहीं जेल के भीतर से सामने आए वीडियोज में अपराधियों को मोबाइल फोन यूज करते और टीवी देखते भी देखा गया था.
गृह मंत्री परमेश्वर ने इस दावे को राजनीतिक बताकर खारिज किया, लेकिन माना कि जेल प्रशासन में गंभीर खामियां हैं. उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण पर डीजीपी, एडीजी (जेल) और राज्य की सभी प्रमुख जेलों के अधीक्षकों को तलब किया गया है.


