PUNJAB : पाकिस्तान गई पंजाब की महिला सरबजीत कौर नहीं लौटी वापस, पुलिस जांच में जुटी

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पंजाब की 48 वर्षीय सिख तीर्थयात्री सरबजीत कौर पाकिस्तान से वापस नहीं लौटीं. धर्म परिवर्तन और विवाह का दावा सोशल मीडिया पर वायरल है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पंजाब की 48 वर्षीय महिला सरबजीत कौर के पाकिस्तान से वापस न लौटने का मामला गंभीर होता जा रहा है. चंडीगढ़ पुलिस व पंजाब पुलिस ने पुष्टि की है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं. सरबजीत कौर गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान गए 1,900 से अधिक सिख श्रद्धालुओं के जत्थे का हिस्सा थीं. जानकारी के अनुसार, यह जत्था 4 नवंबर को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान गया था और प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुआ था.

जत्था बृहस्पतिवार रात भारत लौट आया, लेकिन कपूरथला जिले के अमनीपुर गांव की रहने वाली सरबजीत कौर भारत वापस नहीं लौटीं. सहायक पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि लापता महिला की तलाश की जा रही है और अभी तक उनके धर्म परिवर्तन या किसी अन्य दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक कथित ‘निकाहनामा’ वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि सरबजीत कौर ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है और पाकिस्तान के शेखुपुरा निवासी नासिर हुसैन से विवाह कर लिया है.

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि सरबजीत कौर के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के तीन मामले पहले से दर्ज हैं दो कपूरथला सिटी थाने में और एक बठिंडा के कोट फत्ता थाने में. अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों की अदालत में कार्यवाही लगभग पूरी हो चुकी है. बताया जा रहा है कि सरबजीत के पति कई वर्षों से विदेश में रहते हैं और उनके दो बेटे भी हैं.

कौर के पास जनवरी 2024 में जालंधर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जारी किया गया पासपोर्ट था, जिसके आधार पर वह पाकिस्तान यात्रा के लिए शामिल हुई थीं. तीर्थयात्रियों की सूची भेजने वाली SGPC ने साफ कहा है कि उनका काम सिर्फ सूची भेजना था और यात्रियों की पृष्ठभूमि जांच करना सरकार की जिम्मेदारी है.

तीर्थ यात्रा का नेतृत्व अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज कर रहे थे. जत्थे ने पाकिस्तान में गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों में दर्शन किए. शुरू में केंद्र सरकार ने सुरक्षा चिंताओं के चलते यात्रा की अनुमति देने से इनकार किया था, लेकिन बाद में अनुमति दे दी.

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