MAHARASHTRA : दरवाजे पर खड़ा था 4 साल का मासूम, घास में छिपा था तेंदुआ, खींच ले गया… बच्चे की दर्दनाक मौत

0
610

अहिल्यानगर के संगमनेर तालुका में तेंदुए के हमले में चार साल के मासूम की मौत हो गई. घटना के बाद गांव में डर और आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों ने नरभक्षी तेंदुए को पकड़ने की मांग की है.

महाराष्ट्र के कई जिलों में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों और हमलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अब अहिल्यानगर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां तेंदुए के हमले में चार साल के मासूम बच्चे की जान चली गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल है.

यह दुखद घटना अहिल्यानगर जिले के संगमनेर तालुका के जवले कडलग गांव में शनिवार (13 तारीख) शाम करीब साढ़े छह बजे हुई. गांव निवासी सूरज दिलीप कडलग का चार साल का बेटा सिद्धेश कडलग घर के दरवाजे पर खड़ा था. उसी समय घास में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और बच्चे को मौके पर ही मार डाला. घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

घटना के वक्त सिद्धेश के पिता बाड़े में मवेशियों को चारा डाल रहे थे, जबकि दादी घास का बोझ लेकर पास ही गई हुई थीं. बच्चे के अकेले होने का फायदा उठाकर तेंदुए ने हमला किया. बच्चे की चीख सुनते ही पिता और दादी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोगों ने साफ कहा कि जब तक नरभक्षी तेंदुए को मार नहीं दिया जाता, तब तक वे बच्चे का शव अपने कब्जे में नहीं लेंगे. इस कारण कुछ समय के लिए गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में एक नहीं, बल्कि कई तेंदुए खुलेआम घूम रहे हैं और पहले भी हमले हो चुके हैं.

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. तेंदुए को पकड़ने के लिए रात भर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. वन विभाग ने पिंजरे लगाए और इलाके में गश्त बढ़ा दी. अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आगे कोई और हादसा न हो.अहिल्यानगर जिले के पारनेर तालुका में भी तेंदुओं का खतरा लगातार बना हुआ है. पिंपरी गवली गांव में हाल ही में चौथा तेंदुआ पिंजरे में पकड़ा गया है. इससे पहले 2 दिसंबर को किन्ही गांव में तेंदुए के हमले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी. इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने नगर–मनमाड राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन भी किया था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here