DELHI : अब सिग्नेचर ब्रिज पर नहीं होगी चोरी और तोड़फोड़, सशस्त्र गार्ड की तैनाती

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सिग्नेचर ब्रिज पर बढ़ती चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया है. रात में एक गार्ड को बंदूक के साथ और दिन में दो बिना हथियार गार्ड तैनात होंगे. इसके लिए 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. सिग्नेचर ब्रिज आउटर रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा क्षेत्रों से जोड़ता है.

देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में Signature Bridge की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने पुल पर चोरी और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के मकसद से सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने की योजना बनाई है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि सिग्नेचर ब्रिज पर रात के समय चोरी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं. इसे देखते हुए मुख्य रूप से रात की ड्यूटी में एक गार्ड को बंदूक के साथ तैनात किया जाएगा.एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि बीते कुछ समय में पुल पर कई बार चोरी की घटनाएं हुई हैं और कुछ मामलों में चोरों ने तैनात गार्डों पर चाकू से हमला भी किया है. इसी वजह से सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा और पुल की निगरानी के लिए सशस्त्र गार्ड की तैनाती का निर्णय लिया गया है.

दिन के समय भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि दिन में बिना हथियार के दो सुरक्षा गार्ड पुल पर तैनात रहेंगे. ये गार्ड आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे.

दिल्ली का पहला Asymmetrical ब्रिज माने जाने वाला सिग्नेचर ब्रिज साल 2018 में आम जनता के लिए खोला गया था. करीब 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस पुल का निर्माण पर्यटन विभाग द्वारा कराया गया था. हालांकि, बाद में रखरखाव के लिए धन की कमी का हवाला देते हुए पर्यटन विभाग ने इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंप दी.

बीते सालों में सिग्नेचर ब्रिज आत्महत्या की घटनाओं को लेकर भी चर्चा में रहा है. जुलाई 2025 में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र द्वारा यहां आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल उठे थे.पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा गार्डों की तैनाती के लिए वार्षिक रखरखाव मद के तहत 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है. टेंडर की शर्तों के अनुसार, तैनात किए जाने वाले गार्डों की उम्र 55 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान होना अनिवार्य होगा.

सिग्नेचर ब्रिज आउटर रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा क्षेत्रों से जोड़ता है. साथ ही यह ग्रैंड ट्रंक रोड, शाहदरा फ्लाईओवर होते हुए गाजियाबाद और आईटीओ की ओर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है.

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