ENTERTAINMENT : शक्ति कपूर ने जब फिल्म में खींचा था लड़की का दुपट्टा, थिएटर छोड़कर गुस्से से भागे थे पेरेंट्स, लगाई फटकार

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शक्ति कपूर बॉलीवुड के आइकॉनिक विलेन्स में शुमार किए जाते हैं. उन्होंने कई फिल्मों मे नेगेटिव रोल कर वाहवाही लूटी है. मगर उनके माता-पिता को उनका ये करना पसंद नहीं था. फिर भी शक्ति कपूर ने क्यों पेरेंट्स की बात नहीं सुनी? आइए जानते हैं…

(अपडेटेड 04 जनवरी 2026, 11:51 AM ISTशक्ति कपूर बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर्स में शुमार हैं. उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में की हैं. मगर ज्यादातर उन्हें विलेन के किरदार में पसंद किया गया. नेगेटिव किरदार में जब भी वो पर्दे पर उतरे हमेशा छा गए. फैंस का उन्हें हमेशा बेशुमार प्यार मिला. मगर उनके पेरेंट्स को उन्हें नेगेटिव रोल में देखना पसंद नहीं था. एक दफा उनके पेरेंट्स थिएटर छोड़ कर ही चले गए थे. आइए जानते हैं क्यों?

दरअसल, शक्ति कपूर को एक फिल्म में विलेन के रूम में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करना था. मगर उनके इस सीन से एक्टर के पेरेंट्स काफी गुस्सा हो गए थे. शक्ति कपूर ने अब अल्फा नियॉन स्टूडियोज संग बातचीत में इस बारे में बताया- जब मेरी दो बड़ी फिल्में रिलीज हुई थीं और एक बड़ी फिल्म थी ‘इंसानियत के दुश्मन’. तब मैंने अपने पेरेंट्स से कहा था कि वो जरूर फिल्म देखने जाएं. मेरे मम्मी-पापा फिल्म देखने गए. लेकिन जैसे ही फिल्म शुरू हुई तो पहले ही सीन में मुझे लड़की का दुपट्टा खींचते हुए दिखाया गया था.

‘वो सीन देखते ही मेरे पिता ने तुरंत मेरी मां से थिएटर से बाहर चलने को कहा. मेरे पिता ने गुस्से में कहा था- पहले ये बाहर ये सब करता था और अब ये बड़े पर्दे पर भी यही सब कर रहा है. मैं ये फिल्म नहीं देखना चाहता. मेरे पेरेंट्स ने फिर मुझे बुलाकर खूब डांटा था.’

पेरेंट्स ने मुझपर गुस्सा करते हुए कहा था- तुम किस तरह के रोल कर रहे हो? और तुम किसके साथ इस तरह की हरकतें कर रहे हो? उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे अच्छे इंसान वाले रोल्स करने चाहिए और मुझे हेमा मालिनी, जीनत अमान जैसे स्टार्स के साथ काम करना चाहिए. वो मुझे कहते थे कि तुम गुंडे के रोल क्यों कर रहे हो?

शक्ति कपूर को काफी स्ट्रगल के बाद फिल्मों में सक्सेस मिलनी शुरू हुई थी. इसलिए वो पेरेंट्स की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहते थे. एक्टर ने अपने पेरेंट्स से कहा था- आपने मुझे जन्म दिया और आपने मुझे सिर्फ ये चेहरा दिया है और मेरा चेहरा देखने के बाद कोई भी मुझे हीरो या फिर अच्छे इंसान का रोल नहीं दे रहा है.

बता दें कि शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर ने भी अपने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब वो छोटी थीं, तब पिता को निगेटिव रोल्स में देखकर वो खुश नहीं थीं. विलेन के रोल करने पर वो अपने पिता पर गुस्सा करती थीं. लेकिन फिर उनकी मां ने उन्हें समझाया था कि वो सिर्फ एक्टिंग है.

शक्ति कपूर की बात करें तो उन्हें 90 के दशक में सबसे यादगार नेगेटिव रोल्स के लिए जाना जाता है, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड के सबसे प्रसिद्ध खलनायकों में से एक बना दिया. जैसे अंदाज अपना अपना (1994) में क्राइम मास्टर गोगो, गुंडा (1998) में बुल्ला.

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