कोडरमा जिले के पूर्णानगर में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई अंगीठी दंपति की मौत का कारण बन गई. सैलून संचालक वीरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी कांति देवी ने रात में चूल्हा कमरे में रखकर दरवाजा बंद कर सो गए. सुबह दोनों मृत मिले. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही है.
झारखंड के कोडरमा जिले के पूर्णानगर में ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाना एक दंपति के लिए जानलेवा साबित हुआ. दम घुटने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.मृतकों की पहचान सैलून संचालक वीरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी कांति देवी के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक, दोनों रोज की तरह रात में घर पर ही मौजूद थे और किसी तरह की अस्वाभाविक बात सामने नहीं आई थी.

परिजनों ने बताया कि रात में वीरेंद्र शर्मा और कांति देवी ने लकड़ी-कोयले के चूल्हे पर खाना बनाया था. ठंड अधिक होने के कारण वे उसी जलते चूल्हे को कमरे के अंदर ले गए. इसके बाद कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दोनों सो गए.रात करीब 11:30 बजे परिवार के सभी सदस्य सोने चले गए थे. उस समय तक किसी को किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी. घर में सब कुछ सामान्य लग रहा था.
सुबह जब बहू ने काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य देखकर वह घबरा गई. वीरेंद्र शर्मा और कांति देवी दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे. परिजन तुरंत उन्हें सदर अस्पताल लेकर पहुंचे.अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कमरे में जल रही अंगीठी से निकली जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हुई.
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतक के बेटे सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि रात में सब कुछ ठीक था और सुबह अचानक यह घटना सामने आई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

