GUJARAT : विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के मामले में गुजरात शीर्ष तीन राज्यों में शामिल

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भारत के पर्यटन क्षेत्र में 2024 में मजबूत विकास देखा गया है, जिसमें देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों (एफटीए) की संख्या 99.5 लाख पर पहुंच गई है। उधर, अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (आईटीए) भी बढ़कर 2.05 करोड़ हो गया है, जो कोविड से पहले के वर्ष 2019 की तुलना में 14.85 फीसदी की वृद्धि दिखाता है। राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज इस वृद्धि में गुजरात भी विदेशी पर्यटकों के लिए तीसरे सबसे पसंदीदा राज्य के रूप में उभरा है, जो वैश्विक पर्यटन क्षेत्र में राज्य की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन क्षेत्र की इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व को जाता है, जिन्होंने गुजरात की संस्कृति, अद्भुत प्राकृतिक परिदृश्यों और आधुनिक आकर्षणों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उनके अविरत प्रयासों के कारण गुजरात आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्र बन गया है और भारत के पर्यटन क्षेत्र के विकास में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार 2024 में सबसे अधिक विदेशी पर्यटकों के आगमन की दृष्टि से शीर्ष पांच राज्यों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान का समावेश होता है। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2024 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन के मामले में भारत पूरी दुनिया में 20वें स्थान पर रहा, जहां 2.05 करोड़ पर्यटक भारत आए। वहीं, 2023-24 में पर्यटन क्षेत्र में 8.46 करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर) और स्वदेश दर्शन 2.0 जैसी योजनाओं के सहयोग से इस सफलता को प्राप्त करने में मदद मिली है।

गुजरात ने इन पहलों के सहयोग के साथ राज्य के धार्मिक स्थलों, इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक विरासत और आइकॉनिक स्थलों को बढ़ावा देने का अहम कार्य किया है। गुजरात की यह सफलता राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे आइकॉनिक प्रोजेक्ट और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसे कार्यक्रमों ने पर्यटन क्षेत्र में श्रेष्ठता के नए मानक स्थापित किए हैं और पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध बनाकर वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।

विदेशी पर्यटकों की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर रहे गुजरात की उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट विजन, सशक्त नेतृत्व और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है। हेरिटेज, इको-टूरिज्म और आइकॉनिक स्थलों पर ध्यान केंद्रित करके गुजरात एक पसंदीदा वैश्विक पर्यटन क्षेत्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत करने के लिए तैयार है।

वर्ष 2024 में गुजरात आए विदेशी पर्यटक राज्य के विविधतापूर्ण स्थलों को देखने पहुंचे, जिनमें धार्मिक क्षेत्र, हेरिटेज स्थल, वन्यजीव और आधुनिक विकास के आकर्षण शामिल हैं। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में हर साल बड़ी संख्या में दुनिया भर के श्रद्धालु-पर्यटक आते हैं, जबकि आध्यात्मिक साधकों के लिए द्वारका हमेशा से पसंदीदा स्थल रहा है।

एशियाई शेरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध गिर राष्ट्रीय उद्यान भी गुजरात आने वाले पर्यटकों के लिए हमेशा से पसंदीदा स्थल रहा है। केवड़िया में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत की एकता और आधुनिक इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक बनकर खड़ी है। इन स्थानों पर हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कच्छ के सफेद रण ने सैलानियों के लिए एक अनोखे परिदृश्य और सांस्कृतिक अनुभव के द्वार खोल दिए हैं। इन स्थलों के आकर्षण के कारण वर्ष 2024 में विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या के मामले में गुजरात ने देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

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