रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार की विमान हादसे में मौत को लेकर संदेह हैं और वह 10 फरवरी को मुंबई में विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे. 28 जनवरी के हादसे के कारण टले जिला परिषद चुनाव शनिवार को हुए. रोहित ने कहा अजित पवार पार्टी एकता चाहते थे और विलय के प्रयास जारी रहेंगे. एनसीपी और एनसीपी (एसपी) साथ चुनाव लड़ रहे हैं. संजय राउत ने भी संदेह जताते हुए सीएम फडणवीस पर सवाल उठाए.
एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत की परिस्थितियों को लेकर सभी के मन में सवाल और संदेह हैं. उन्होंने कहा कि वह 10 फरवरी को मुंबई में इस मामले पर एक डिटेल प्रेजेंटेशन देंगे और बताएंगे कि हादसा क्यों हुआ और कैसे हुआ होगा. रोहित पवार ने यह बात बारामती में जिला परिषद चुनाव में वोट डालने के बाद पत्रकारों से कही.
महाराष्ट्र में शनिवार को 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान हुआ. ये चुनाव पहले 5 फरवरी को होने वाले थे, लेकिन 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद इन्हें टाल दिया गया था.रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग गुट एक हो जाएं और विलय की कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी. उन्होंने कहा कि अजित दादा दिल से चाहते थे कि सभी एक परिवार की तरह साथ आएं और आज सभी साथ आए हैं. परिवार अब भी एकजुट है और आगे भी उसी तरह प्रयास जारी रहेंगे.

शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने जिला परिषद चुनाव के लिए हाथ मिलाया है. दोनों दलों के उम्मीदवार एनसीपी के ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं.अहिल्यानगर जिले की करजात-जामखेड़ सीट से विधायक रोहित पवार ने कहा कि वह 12 फरवरी को यह भी बताएंगे कि पार्टी विलय की योजना क्यों बनाई गई थी और इसके पीछे असली मंशा क्या थी. उन्होंने कहा कि वह समझाएंगे कि अजित दादा की सोच राजनीतिक थी या भावनात्मक.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि रोहित पवार के अलावा एनसीपी विधायक और अजित पवार के करीबी अमोल मिटकरी, एनसीपी मंत्री छगन भुजबल और एनसीपी (एसपी) सांसद बजरंग सोनवणे ने भी इस दुखद घटना पर संदेह जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि संदेह दूर करने के बजाय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कह रहे हैं कि इस मुद्दे पर राजनीति न हो.
संजय राउत ने कहा कि अगर अजित पवार के परिवार और दोस्त उनकी मौत पर सवाल उठा रहे हैं तो मुख्यमंत्री फडणवीस और भाजपा नेतृत्व को इससे परेशानी क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि किसी को धमकाने की जरूरत नहीं है.

