राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर रहस्य बरकरार है. इसी बीच उस शख्स का बयान सामने आया है, जिसने उनकी इंस्टाग्राम आईडी से आखिरी पोस्ट शेयर की थी. भोमाराम ने उस रात की पूरी टाइमलाइन बताते हुए दावा किया कि 25 साल के ब्रह्मचर्य जीवन, अग्नि परीक्षा और न्याय की अपील वाले शब्द पिता वीरमनाथ के कहने पर लिखे गए थे.
राजस्थान के जोधपुर में चर्चित कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को दो हफ्ते होने को हैं, लेकिन सवाल अब भी हैं कि क्या यह स्वाभाविक मृत्यु थी या इसके पीछे कोई साजिश है? जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ में है, और हर दिन नए बयान, नए दावे और नई कड़ियां सामने आ रही हैं. इसी बीच एक अहम कड़ी बनकर सामने आए हैं भोमाराम… वह शख्स जिसने साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से आखिरी पोस्ट किया था.
अस्पताल से आश्रम तक क्या-क्या हुआ, किसके कहने पर पोस्ट डाली गई और उसके बाद कैसे माहौल बदला… इस खुलासे ने जांच को नई दिशा दे दी है. भोमाराम ने उस रात की पूरी कहानी बताई…फोन कॉल से लेकर अस्पताल पहुंचने तक, इंस्टाग्राम पोस्ट से लेकर आश्रम में जुटती भीड़ और न्याय की मांग तक. उनका बयान जांच की दिशा को नई परत देता नजर आता है. भोमाराम के मुताबिक, 28 जनवरी की शाम 6 बजकर 52 मिनट पर उन्हें वीरमनाथ (साध्वी प्रेम बाईसा के पिता) का फोन आया. कॉल पर कहा गया था- बाईसा की तबीयत खराब है, तुरंत अस्पताल पहुंचो.

भोमाराम बताते हैं कि वे उस समय बाहर निकलने की तैयारी में थे. कॉल मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम छोड़ा और सीधे अस्पताल के लिए रवाना हुए. शाम 7 बजकर 31 मिनट पर वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उनके शब्दों में, जब मैं पहुंचा, तब तक बाईसा का देहांत हो चुका था. शरीर ढका हुआ था. माहौल गंभीर था. वीरमनाथ जी खुद कांप रहे थे और बोलने की हालत में नहीं थे.
भोमाराम के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के तुरंत बाद उन्होंने गुरुजी और अन्य संतों को फोन करना शुरू किया. वीरमनाथ ने भी कई धार्मिक और सामाजिक हस्तियों को कॉल किए.
रास्ते में कई संतों और परिचितों को सूचना दी गई. निर्णय यह हुआ कि आगे की प्रक्रिया संत समाज की मौजूदगी में ही तय होगी, जिसमें पोस्टमार्टम भी शामिल है या नहीं, यह भी उसी सलाह से होगा. अस्पताल से लगभग साढ़े आठ बजे वे लोग निकले और आरती नगर मोड़ पर करीब 15-20 मिनट रुके, जहां अन्य संत और कथा वाचक भी पहुंचने लगे.पूरे घटनाक्रम की सबसे चर्चित कड़ी रही साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई ‘न्याय’ वाली पोस्ट. यही पोस्ट बाद में विवाद और सवालों का केंद्र बन गई.
भोमाराम ने कहा- वह पोस्ट मैंने लिखी थी, लेकिन शब्द मेरे नहीं थे. जैसा वीरमनाथ जी ने बोला, वैसा ही मैंने टाइप करके पोस्ट किया. उनके अनुसार, रात करीब 9 बजकर 38 मिनट पर यह पोस्ट डाली गई.

