NATIONAL : सितंबर की मुलाकात, फरवरी में वारदात… बांग्ला में मां को बताई लिव इन पार्टनर की हैवानियत की कहानी

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गुरुग्राम में ऑनलाइन एप से शुरू हुई दोस्ती लिव-इन रिश्ते में बदली और फिर शक ने हिंसक रूप ले लिया. त्रिपुरा की 19 वर्षीय बायोटेक छात्रा ने बांग्ला में मां को फोन कर बंगाली में जान बचाने की गुहार लगाई. दरअसल आरोपी को बंगाली भाषा नहीं आती थी, इसलिए उसने इसी भाषा में मां को अपनी आपबीती और मारपीट की जानकारी दी. फोन कटते ही मां ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.

गुरुग्राम के एक पीजी में उस रात जो कुछ हुआ, उसने दोस्ती के चेहरे से परतें हटा दीं. यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लग सकती है, लेकिन इसके किरदार असली हैं. एक 19 साल की छात्रा, उसका लिव-इन पार्टनर और एक मां, जिसे हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठकर फोन पर बेटी की चीख सुननी पड़ी.

बताया जा रहा है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. शुरुआत में साधारण ‘हाय-हैलो’, फिर लंबी चैट, देर रात कॉल और धीरे-धीरे भरोसे का रिश्ता. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. लड़का दिल्ली के नरेला का रहने वाला उम्र महज 19 साल. दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदली. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. परिवारों तक बात पहुंची तो शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन रिश्तों की सतह के नीचे शक की एक महीन दरार पड़ चुकी थी.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड के चरित्र पर शक करने लगा था. छोटे-छोटे सवाल, फोन चेक करना, दोस्तों पर टिप्पणी रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा. 19 फरवरी की रात बहस हुई. बहस ने हिंसा का रूप ले लिया. आरोप है कि इसके बाद युवक ने अपना आपा खो दिया. पीड़िता की मां का कहना है कि तीन दिनों तक उसे कमरे में बंद रखा गया. मारपीट, गाली-गलौज और कथित तौर पर अमानवीय बर्ताव. आरोप इतने गंभीर हैं कि सुनने वाला सिहर उठे सैनिटाइज़र से प्राइवेट पार्ट को जलाना, निर्वस्त्र वीडियो बनाना, पेशाब पीने के लिए मजबूर करना और चाकू से हमला करना. पुलिस इन आरोपों की तफ्तीश कर रही है. मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं.

मां कहना है कि 18 फरवरी की रात लगभग 10 बजे मेरा फोन बजा. दूसरी तरफ बेटी थी. मां, समय नहीं है… वो मुझे मार देगा… बेटी बांग्ला में बोल रही थी. आवाज कांप रही थी. मां खुद पुलिस अधिकारी हैं. उन्हें अंदाजा हो गया कि मामला सामान्य नहीं है. बेटी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से वह मारपीट सह रही है. आरोपी को बंगाली भाषा नहीं आती थी, इसलिए उसने इसी भाषा में मां को अपनी आपबीती और मारपीट की जानकारी दी. फोन कटते ही मां ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया.

बादशाहपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत सेक्टर-69 स्थित ग्रेट पीजी पहुंची. कमरे का दरवाजा खुला तो अंदर घायल लड़की मिली. शरीर पर चोटों के निशान थे. आरोपी को मौके से हिरासत में लिया गया. युवती को पहले गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए दिल्ली के एम्स रेफर किया गया. बाद में उसे सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों के अनुसार, शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे. हालत अब स्थिर बताई जा रही है. दक्षिण गुरुग्राम के डीसीपी हितेश यादव ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. दुष्कर्म और मारपीट की धाराएं जोड़ी गई हैं. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले से हिंसक प्रवृत्ति का था. चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और वीडियो की फोरेंसिक जांच की जा रही है.

परिवार के अनुसार, लड़की पढ़ाई में तेज थी. बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय में करियर बनाने का सपना लेकर वह गुरुग्राम आई थी. ऑनलाइन दोस्ती ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी. मां का कहना है, हमने उसे पढ़ने भेजा था. भरोसा किया था. अगर उसने फोन न किया होता, तो शायद हम उसे खो देते. फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है. पुलिस चार्जशीट की तैयारी कर रही है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कई तथ्य साफ होंगे.

पीड़िता की मां का सफदरजंग अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपी शिवम पर रेप और हत्या की कोशिश की धाराएं भी लगाई जाएं. उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी शिवम के साथ रह रही थी, उन्हें लगा वह पीजी में है. गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

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