उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण से जुड़ी एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है. एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे 10 साल तक बंधक बनाकर रखा गया, जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया. पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में जबरन धर्म परिवर्तन और एक शख्स को बंधक बनाकर रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़ित की शिकायत के आधार पर जेठवारा थाना क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण अधिनियम के तहत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वृजनंदन राय ने बताया कि ये कार्रवाई मध्य प्रदेश के सागर निवासी संतोष शुक्ला की शिकायत पर की गई है. शिकायत में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं. कई वर्षों तक उत्पीड़न की कहानी बयान करते हैं. पीड़ित ने बताया कि प्रतापगढ़ के कुटिलिया गांव के रहने वाले बदरुल जमा, कल्लू, नईम और निज़ाम ने उसे पिछले 10 साल से कैद कर रखा था.

पीड़ित का आरोप है कि उससे घर के काम जबरन करवाए जाते थे. जब भी उसने वहां से निकलने की कोशिश की, उसके साथ मारपीट की गई. जान से मारने की धमकी दी गई. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उसकी इच्छा के खिलाफ उसका धर्म परिवर्तन कराया गया. उसका नाम बदलकर शेर अली खान रख दिया गया. उसका फर्जी आधार कार्ड भी तैयार कराया गया.
20 फरवरी को पीड़ित ने जब वहां से भागने की कोशिश की, तो नामजद आरोपियों के साथ पांच-छह अज्ञात लोगों ने उसे पकड़ लिया. उसे वापस ले जाया गया. उसके साथ एक बार फिर बेरहमी से मारपीट की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों नामजद आरोपियों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. मुख्य आरोपी बदरुलजमा को गिरफ्तार कर लिया गया है.
इस मामले में नामजद बाकी आरोपी फरार हैं. उनकी तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही है. पुलिस आरोपों की सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है. बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में जबरन धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. बलरामपुर के छांगुर बाबा से लेकर लखनऊ के डॉक्टर रमीज तक, कई ऐसे नाम हैं, जो इस तरह के गैरकानूनी कृत्य में शामिल रहे हैं.

