ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा में मिली अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी को डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने महज 48 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। चरित्र पर संदेह के चलते पति ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की पत्थर से सिर कुचलकर नृशंस हत्या की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति, उसके साथी और साक्ष्य छुपाने में मदद करने वाले एक अन्य व्यक्ति सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया की

बीते 22 फरवरी 2026 को डोंगरगढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम भैंसरा के पास एक अज्ञात महिला (उम्र लगभग 35-40 वर्ष) का शव मिला है, जिसका सिर पत्थर से कुचला गया था। पुलिस ने तत्काल धारा 103(1), 61(2), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से मृतिका की पहचान पूर्णिमा नेताम (35 वर्ष) निवासी रविदास नगर, राजनांदगांव के रूप में की। जांच के दौरान पता चला कि मृतिका का पति सुनील वंजारी घटना के बाद से ही फरार है और उसका मोबाइल बंद है।
पुलिस ने जब आरोपी सुनील की घेराबंदी कर उसे डोंगरगांव से हिरासत में लिया, तो उसने कड़ाई से पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की वजह और साजिश
आरोपी सुनील ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। इसी कारण उसने अपने दोस्त ज्योतिष सिंह नेताम के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
21 फरवरी की शाम सुनील अपनी पत्नी को बहला-फुल्का कर भैंसरा स्थित बगीचे में ले गया। वहां पत्थर से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने की कोशिश की।
हत्या के बाद आरोपी ने खून से सने कपड़े अपने परिचित नीलकंठ साहू को नष्ट करने के लिए दे दिए। इस मामले में आरोपी सुनील वंजारी (45 वर्ष) मुख्य आरोपी (मृतिका का पति) के अलावा, ज्योतिष सिंह नेताम (40 वर्ष) सह-आरोपी (हत्या में शामिल) नीलकंठ साहू (71 वर्ष) साक्ष्य छुपाने में मददगार की गिरफ्तार किया गया।
इस अंधे कत्ल को सुलझाने में डोंगरगढ़ थाना प्रभारी संतोष जायसवाल, साइबर सेल प्रभारी विनय कुमार पम्मार और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आज 24 फरवरी 2026 को न्यायिक रिमांड पर पेश किया जा रहा है।
REPOTER : हेमंत वर्मा ,राजनांदगांव


