मुंबई के मालाड इलाके में फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो विक्रेताओं को हिरासत में लिया और उनकी दुकान सील कर दी. आरोप है कि फलों को चूहों से बचाने के नाम पर जहरीला पदार्थ लगाया जा रहा था. मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
महाराष्ट्र में मुंबई के उत्तरी उपनगर मालाड में फलों की बिक्री से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ विक्रेता फलों पर चूहे मारने की दवा लगाकर उन्हें बाजार में बेच रहे थे, जिससे आम लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान सील कर दी और दो आरोपियों को हिरासत में लिया.
यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय नागरिक कुणाल सालुंके ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया था कि दो फल विक्रेता फलों को चूहों से बचाने के नाम पर उन पर जहरीला पदार्थ लगा रहे हैं. बताया गया कि यह पूरी घटना कैमरे में भी कैद हुई है, जिसे सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा गया.

मालाड पुलिस स्टेशन की टीम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जांच की. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फलों को चूहों से बचाने के लिए उन पर चूहा मारने की दवा लगाते थे. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का कृत्य न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार केसरवानी और बिपिन केसरवानी के रूप में हुई है. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 274, 275 और 286 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने उनकी दुकान को सील कर आगे की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के साथ इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित विभागों को भी कार्रवाई के लिए सूचित किया जाएगा.

