मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर होर्मुज स्ट्रेट पर भी पड़ रहा है. आइए जानते हैं दुनिया भर के समुद्र में कितने चोक पॉइंट हैं और क्यों है यह सबसे खतरनाक वेस्ट एशिया में ईरान, इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच बढ़ते मिलिट्री टेंशन ने एक बार फिर से पूरी दुनिया का ध्यान होर्मुज स्ट्रेट की तरफ खींचा है. यह एनर्जी ट्रेड के लिए सबसे जरूरी समुद्री रास्तों में से एक है. इंटरनल एनर्जी एजेंसी जैसे ऑर्गेनाइजेशन के एक्सपर्ट्स ने ऐसी चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई बढ़ती है या फिर इस रास्ते से शिपिंग में रुकावट आती है तो ग्लोबल तेल सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है. इसमें इंडिया का एनर्जी इंपोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड भी शामिल है. इसी बीच आइए जानते हैं कि दुनिया भर के समंदर में कितने चोक पॉइंट हैं.
क्या होते हैं चोक पॉइंट?
दुनिया भर के महासागरों में कई पतले रास्ते हैं जिन्हें मैरीटाइम चोक पॉइंट्स के नाम से जाना जाता है. यह रास्ते काफी जरूरी हैं क्योंकि ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं के जरिए गुजरता है. अगर इनमें से कोई भी चोक पॉइंट लड़ाई, एक्सीडेंट या फिर पॉलिटिकल झगड़े की वजह से ब्लॉक हो जाता है तो इससे ग्लोबल सप्लाई चैन में रुकावट आ सकती है. इसका पूरी दुनिया की इकोनॉमी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है. यह एक ऐसा रास्ता होता है जो पानी की दो बड़ी जगहों को जोड़ता है.

ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी ट्रांसपोर्टेशन में अहम भूमिका निभाने वाले सात बड़े मैरीटाइम चोक पॉइंट हैं. होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह मिडिल ईस्ट से तेल एक्सपोर्ट का सबसे जरूरी रास्ता है. मलक्का स्ट्रेट मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच है और हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है. इससे यह एशिया, यूरोप और मिडल ईस्ट के बीच ट्रेड का एक जरूरी रास्ता बन जाता है.
इनके अलावा मिस्त्र में मौजूद स्वेज नहर इंसानों को बनाया हुआ एक पानी का रास्ता है जो लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ता है. इससे जहाजों को अफ्रीका के चारों ओर लंबे रास्ते से बचने में मदद मिलती है. बाब एल मंडेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यूरोप और एशिया के बीच शिपिंग के लिए काफी जरूरी है. पनामा कैनाल अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ती है. इसके अलावा तुर्किश स्ट्रेट जिसमें बोस्पोरस और डार्डनेल्स भी शामिल हैं ब्लैक सी को मेडिटेरेनियन सी से जोड़ते हैं. आखिर में डेनिश स्ट्रेट्स बाल्टिक सागर को नॉर्थ सी से जोड़ते हैं.
होर्मुज स्ट्रेट उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान के बीच है. यह इसे दुनिया के सबसे ज्यादा राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में से एक बनाता है. ईरान और पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के बीच अक्सर होने वाले तनाव की वजह से लड़ाई के दौरान स्ट्रेट को बंद करने की बार-बार धमकी दी गई है. रुकावट की संभावना से भी अक्सर ग्लोबल तेल बाजारों में तुरंत रिएक्शन देखने को मिलते हैं.
इन सभी समुद्री चोक पॉइंट्स में से होर्मुज स्ट्रेट सबसे खतरनाक माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह फारस की खाड़ी में तेल बनाने वाले देशों के लिए मुख्य एक्सपोर्ट के तौर पर काम करता है. ग्लोबल एनर्जी डेटा के मुताबिक दुनिया का लगभग 20% से 25% तेल व्यापार और लगभग 20% ग्लोबल एलएनजी शिपमेंट हर दिन इसी पतले रास्ते से गुजरते हैं.होर्मुज स्ट्रेट की जगह की वजह से इसमें रुकावट आने का खतरा काफी ज्यादा है. अपने सबसे संकरे पॉइंट पर पानी का रास्ता 21 मील चौड़ा है. इस रास्ते पर तय शिपिंग लेन और भी छोटी है. इसका मतलब है कि बड़े तेल टैंकर और मालवाहक जहाजों को काफी छोटे कॉरिडोर से होकर गुजरना पड़ता है.
इस रास्ते को जरूरी मानने की एक वजह यह है कि कई खाड़ी देशों के लिए दूसरे रास्तों की कमी है. कुवैत, कतर और इराक जैसे देश तेल और नेचुरल गैस एक्सपोर्ट करने के लिए लगभग पूरी तरह से इसी रास्ते पर निर्भर हैं. अगर स्ट्रेट से शिपिंग रोक दी जाती है तो उनके एनर्जी एक्सपोर्ट में बड़ी रुकावट आएंगी.


