हर देश में चावल को पकाने और खाने का तरीका भी अलग-अलग होता है, कहीं इसे सादे उबालकर दाल या सब्जी के साथ खाया जाता है, तो कहीं इसे मसालों के साथ फ्राई करके टेस्टी डिश बनाए जाते हैं.
चावल सिर्फ एक खाना नहीं बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है. भारत, बांग्लादेश, चीन, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में करोड़ों लोग अपने डेली खाने में चावल का यूज करते हैं. हर देश में चावल को पकाने और खाने का तरीका भी अलग-अलग होता है, कहीं इसे सादे उबालकर दाल या सब्जी के साथ खाया जाता है, तो कहीं इसे मसालों के साथ फ्राई करके टेस्टी डिश बनाए जाते हैं. आमतौर पर चावल सस्ता और आसानी से मिलने वाला खाना माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा चावल भी है जिसकी कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि दुनिया का सबसे महंगा चावल कौन सा है और इसकी खासियत क्या-क्या हैं.

दुनिया का सबसे महंगा चावल Kinmemai Premium Rice माना जाता है. यह खास चावल जापान की कंपनी Toyo Rice Corporation में तैयार किया जाता है और अपनी बेहतरीन क्वालिटी, खास प्रोसेसिंग तकनीक और सीमित के प्रोडक्शन कारण बेहद महंगा होता है. इस खास चावल को साल Kinmemai Premium rice launch 2016 में बाजार में लॉन्च किया गया था. उस समय 840 ग्राम Kinmemai Premium चावल की कीमत लगभग 9,496 जापानी येन थी, जो भारतीय मुद्रा में करीब 5,490 रुपये के बराबर थी. उसी समय सामान्य चावल की कीमत जापान में लगभग 300 से 400 येन प्रति किलो होती थी. वहीं आज इसकी कीमत और भी ज्यादा हो चुकी है. आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 140-140 ग्राम के छह पैक यानी कुल 840 ग्राम चावल की कीमत लगभग 155 सिंगापुर डॉलर है, जो भारतीय रुपये में करीब 10,500 रुपये से ज्यादा होती है यानी एक किलो Kinmemai Premium चावल की कीमत लगभग 12,000 से 12,500 रुपये तक पड़ती है.

- दुनिया का सबसे महंगा चावल Kinmemai Premium Rice अपनी खास क्वालिटी, खास प्रोसेसिंग तकनीक और पोषण के कारण काफी अलग माना जाता है. इसे जापान की कंपनी Toyo Rice Corporation तैयार करती है. इसकी कई ऐसी खूबियां हैं जो इसे सामान्य चावल से बिल्कुल अलग बनाती हैं.
- इसे पकाने से पहले धोने की जरूरत नहीं होती है. साधारण चावल को पकाने से पहले कई बार धोना पड़ता है ताकि उसमें मौजूद स्टार्च और गंदगी निकल जाए, लेकिन Kinmemai Premium चावल को खास तकनीक से पॉलिश किया जाता है, जिससे अतिरिक्त स्टार्च पहले ही हट जाता है. इसलिए इसे पकाने से पहले धोने की जरूरत नहीं होती है.
- इस चावल को बनाने के लिए एक विशेष राइस बफिंग तकनीक का यूज किया जाता है. इस तकनीक से चावल के दानों की बाहरी मोम जैसी परत हटा दी जाती है, जो पचाने में कठिन होती है. इससे चावल का स्वाद भी बेहतर हो जाता है.
- इस चावल के दानों को मशीन से नहीं बल्कि बहुत सावधानी से चुना जाता है. इसमें जापान की बेहतरीन किस्मों जैसे Koshihikari Rice और Pikamaru Rice का यूज किया जाता है, जो अपनी खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर हैं.
4.इस चावल को तैयार करने के बाद लगभग छह महीने तक फ्लेवर एजिंग प्रक्रिया से गुजारा जाता है. इससे चावल का टेस्ट, खुशबू और टेक्सचर और भी बेहतर हो जाता है.
- कंपनी के अनुसार इस चावल में सामान्य चावल की तुलना में लगभग 6 गुना ज्यादा LPS (लिपोपॉलिसैकेराइड्स) पाए जाते हैं. यह तत्व शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है.
- इस चावल के लिए यूज होने वाली किस्में मुख्य रूप से जापान के Koshihikari इलाके में उगाई जाती हैं. यहां का मौसम, पहाड़ी वातावरण और मिनरल से भरपूर पानी चावल की खेती के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.
- इस चावल का उत्पादन बहुत सीमित मात्रा में किया जाता है. इसी वजह से यह आम बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होता और इसकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है.


