प्रतापगढ़ में पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन मर्डर केस में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. दो शादियां और 18 बच्चों के बावजूद कई महिलाओं से संबंध और देर रात फोन पर लंबी बातचीत इस वारदात की बड़ी वजह बनी. पुलिस जांच में कॉल डिटेल से रिश्तों का विवाद सामने आया, जिसके बाद उसकी पूर्व प्रेमिका और उसके सहयोगियों ने हत्या की साजिश रची.
दो शादियां, 18 बच्चों का बड़ा परिवार… और इसके बाद भी कई महिलाओं से लगातार संपर्क. प्रतापगढ़ के पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन की जिंदगी की यही परतें अब उनकी हत्या की कहानी का केंद्र बन गई हैं. पुलिस जांच में सामने आ रहा है कि निजी रिश्तों की उलझन धीरे-धीरे ऐसी दिशा में बढ़ी, जिसने आखिरकार इस सनसनीखेज वारदात को जन्म दिया.
प्रतापगढ़ जिले के मांधाता इलाके में सामने आए इस हत्याकांड में जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी वैसे-वैसे रिश्तों, भरोसे और निजी जिंदगी की एक ऐसी कहानी का जाल बुनता गया जो सबको चौंकाती जा रही है. पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना जो कभी गांव की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहा आज उसी गांव के घर-घर में चर्चा का केंद्र बना है. मुस्तका गुलशन का पारिवारिक ढांचा सामान्य नहीं था. पहली शादी उसने महज 16 साल की उम्र में किस्मतुल निशा से की थी. वक्त के साथ परिवार बढ़ा और करीब एक दशक बाद दूसरी शादी अम्बिया बानो से कर ली. दोनों पत्नियां एक ही घर में रहती थीं और दोनों से मिलाकर उनके कुल 18 बच्चे थे. पहली पत्नी से 9 और दूसरी से भी 9 बच्चे. एक ऐसा परिवार, जहां जिम्मेदारियां कम नहीं थीं. गांव में उसकी पहचान एक जिम्मेदार व्यक्ति और 2016 में प्रधान रह चुके नेता के रूप में थी. लोगों के बीच उठना-बैठना, विवाद सुलझाना और सामाजिक मामलों में सक्रिय रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था.

लेकिन इस सार्वजनिक जीवन के समानांतर एक और दुनिया भी चल रही थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि मुस्तका गुलशन कई महिलाओं के संपर्क में था. मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई है. जांच में पाया गया कि वह देर रात तक कई नंबरों पर लंबी बातचीत करता था. यही कॉल डिटेल इस केस की सबसे मजबूत कड़ी बनकर सामने आई. जिस दिन वह लापता हुआ, उस दिन भी एक खास नंबर पर लगातार बातचीत हुई थी, जिसने पुलिस को सीधे मुख्य आरोपी तक पहुंचा दिया.
जांच के दौरान सामने आया कि साल 2023 में एक जमीन विवाद के दौरान उसकी मुलाकात एक महिला से हुई थी. उस समय मुस्तका ने विवाद सुलझाने में मदद की थी. मदद के बाद बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह संपर्क एक रिश्ते में बदल गया. कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में हालात बदलने लगे. महिला ने दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तका इस रिश्ते को खत्म करने के लिए तैयार नहीं था. आरोप है कि उसने बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया.
यहीं से कहानी ने एक खतरनाक मोड़ लिया. महिला ने अपने भाई को पूरी बात बताई. इसके बाद दोनों ने मिलकर एक योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक, महिला ने मुस्तका को फोन कर अपने मायके बुलाया. यह स्थान जेठवारा इलाके के बगियापुर लेहरा गांव में बताया जा रहा है. उस समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था. मुस्तका वहां पहुंचा और सामान्य बातचीत के बाद कमरे में चला गया. उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी.
रात गहराने के साथ ही साजिश ने आकार लिया. पुलिस के अनुसार, जब मुस्तका सो गया, तब उस पर हमला किया गया. घर में मौजूद लोहे की पाइप से उसके सिर पर जोरदार वार किया गया. हमले के बाद उसने चीखने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद गले पर भी वार किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद शव को ठिकाने लगाने की तैयारी शुरू हुई. शव को बोरे में भरा गया और नहर में फेंक दिया गया. घटना को छिपाने के लिए उनकी बाइक, मोबाइल और हेलमेट को अलग-अलग जगहों पर फेंका गया, ताकि मामला भटक जाए.
18 मार्च को मुस्तका गुलशन के लापता होने की खबर सामने आई. परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने तलाश शुरू की. कुछ दिनों बाद नहर में एक बोरे के अंदर शव मिलने की सूचना मिली. जब शव को बाहर निकाला गया और पहचान हुई, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पूर्व प्रधान की इस तरह हत्या ने हर किसी को चौंका दिया.
पुलिस ने तकनीकी जांच को आधार बनाया. मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग ने जांच को सही दिशा दी. जिस नंबर पर आखिरी बार सबसे ज्यादा बातचीत हुई थी, वही इस केस की कुंजी बन गया. इसके बाद पुलिस उस महिला तक पहुंची और पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया. पूछताछ में महिला ने हत्या की बात कबूल कर ली और अपने सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि यह अकेला रिश्ता नहीं था. मुस्तका कई महिलाओं से संपर्क में थे और यही बात धीरे-धीरे विवाद का कारण बनती गई. गांव के कुछ लोगों का कहना है कि वह मदद के लिए जाने जाते थे, लेकिन यही मदद कई बार निजी रिश्तों में बदल गई, जिसने बाद में तनाव को जन्म दिया.
मुस्तका गुलशन की मौत के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है. 18 बच्चों का यह बड़ा परिवार अचानक अपने मुखिया को खो चुका है. जब पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी. गांव के कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और कोई भी इस घटना को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रहा.
पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उसके भाई और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी.

