नए पाठ्यक्रम में कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों को Computational Thinking और AI की शिक्षा दी जाएगी. कक्षा 3 से 5 के छात्रों के लिए CT को गणित और The World Around Us (TWAU) जैसे विषयों के साथ जोड़ा जाएगा.
देश की स्कूली शिक्षा में बड़ा और आधुनिक बदलाव शुरू हो चुका है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE के Computational Thinking (CT) और Artificial Intelligence (AI) आधारित नए पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया. यह सिलेबस शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू किया जा रहा है, जिसका मकसद छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है. CBSE द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह नया पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF 2023) के अनुरूप तैयार किया गया है. इसका फोकस पारंपरिक रटने की पढ़ाई से हटकर समझ, कौशल और वास्तविक जीवन में उपयोग होने वाली शिक्षा पर है.
नए पाठ्यक्रम के तहत कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों को चरणबद्ध तरीके से Computational Thinking और AI की शिक्षा दी जाएगी. कक्षा 3 से 5 के छात्रों के लिए CT को गणित और “The World Around Us (TWAU)” जैसे विषयों के साथ जोड़ा जाएगा. इस स्तर पर बच्चों को वर्कबुक, गतिविधियों, खेल और पहेलियों के माध्यम से सिखाया जाएगा, ताकि वे तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित कर सकें. वहीं, कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए CT को सभी विषयों में शामिल किया जाएगा और AI की बुनियादी समझ (AI literacy) भी दी जाएगी. इस स्तर पर पढ़ाई को और अधिक प्रैक्टिकल बनाने के लिए प्रोजेक्ट आधारित और वर्कशीट आधारित लर्निंग पर जोर दिया जाएगा.

CBSE के अनुसार, इस पाठ्यक्रम को एक phased approach के तहत तैयार किया गया है, जिसमें धीरे-धीरे छात्रों की समझ को विकसित किया जाएगा. कक्षा 3–5 के लिए लगभग 50 घंटे और कक्षा 6–8 के लिए करीब 100 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों में मजबूत आधार तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकर AI और तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. इस पाठ्यक्रम में शिक्षण के तरीके भी पूरी तरह बदले गए हैं. अब पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें पजल्स, प्रोजेक्ट्स, ग्रुप वर्क, चर्चा, डिबेट और रियल लाइफ समस्याओं के समाधान जैसे तरीके शामिल होंगे. छात्रों को अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान ढूंढने के लिए प्रेरित किया जाएगा. शिक्षकों की भूमिका भी अब केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे छात्रों को मार्गदर्शन और मेंटरशिप भी देंगे.
मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किया गया है. कक्षा 3 से 5 तक मूल्यांकन को मुख्य विषयों जैसे गणित और TWAU से जोड़ा जाएगा, जबकि कक्षा 6 से आगे छात्रों का मूल्यांकन प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन, असाइनमेंट और जर्नल्स के आधार पर किया जाएगा. इसके लिए शिक्षकों को स्पष्ट और एक समान मूल्यांकन मानदंड (rubrics) बनाने के निर्देश दिए गए हैं.
CBSE के नए सर्कुलर के अनुसार, कक्षा 11 और 12 का पाठ्यक्रम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है, जबकि कक्षा 9 और 10 का संशोधित पाठ्यक्रम 2 अप्रैल को जारी किया गया. सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे नया पाठ्यक्रम आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर छात्रों और शिक्षकों के साथ साझा करें और इसके अनुसार तैयारी शुरू करें. हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि कई स्कूलों को अभी केवल पाठ्यक्रम का फ्रेमवर्क ही मिला है और नई किताबें पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं. खासकर कक्षा 9 में किताबों की कमी देखी जा रही है, जिससे स्कूल अस्थायी रूप से इसी फ्रेमवर्क के आधार पर पढ़ाई शुरू कर रहे हैं.


