ग्लोबल डाटा के अनुसार ब्राजील दुनिया का सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर बना हुआ है. 2025 के आंकड़ों के अनुसार ब्राजील करीब 3.8 मिलियन टन बीफ का निर्यात करता है.
दुनिया भर में बीफ यानी गौमांस का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. यह ग्लोबल मीट इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा बन चुका है. कुल मांस खपत में बीफ की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत बताई जाती है. ऐसे में यह सवाल भी उठने लगता है की कौन सा देश सबसे ज्यादा बीफ एक्सपोर्ट करता है और इस लिस्ट में भारत की क्या स्थिति है. इसके अलावा भारत में गौमांस को लेकर चल रही बहस और सुप्रीम कोर्ट में बेन की मांग ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि दुनिया का कौन सा देश सबसे ज्यादा बीफ एक्सपोर्ट करता है और इसमें भारत कौन से नंबर पर आता है?
ग्लोबल डाटा के अनुसार ब्राजील दुनिया का सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर बना हुआ है. 2025 के आंकड़ों के अनुसार ब्राजील करीब 3.8 मिलियन टन बीफ का निर्यात करता है. कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जिसकी वजह से यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार आगे बना हुआ है.

ब्राजील के बाद बीफ एक्सपोर्टिंग में दूसरे और तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया और भारत का नाम आता है. ऑस्ट्रेलिया लगभग 1.96 मिलियन टन बीफ एक्सपोर्ट करता है और एशियाई बाजार में इसकी मजबूत पकड़ है. वहीं तीसरे स्थान पर भारत आता है, जो मुख्य रूप से काराबीफ का निर्यात करता है. भारत का निर्यात करीब 1.5 मिलियन टन के आसपास बताया जाता है और इसके बड़े बाजार मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया में है. वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका भी इस लिस्ट में चौथे नंबर पर आता है. हालांकि अमेरिका न सिर्फ बड़ा निर्यातक है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में भी शामिल है. इसके अलावा अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, कनाडा और उरुग्वे जैसे देश भी ग्लोबल बीफ मार्केट में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं.
बीफ खपत के मामले में अर्जेंटीना सबसे आगे है, जहां प्रति व्यक्ति खपत काफी ज्यादा है. इसके बाद अमेरिका का नंबर आता है. वहीं चीन दुनिया का सबसे बड़ा आयातक देश है जो ब्राजील और अर्जेंटीना से बड़ी मात्रा में बीफ खरीदता है. इसके अलावा भारत की खास बात यह है कि यहां बीफ को लेकर कानूनी स्थिति अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हैं. देश के ज्यादातर हिस्सों में गौमांस पर प्रतिबंध है, लेकिन असम, केरल और गोवा जैसे कुछ राज्यों में इसकी बिक्री और खपत की अनुमति है. इस बीच समय-समय पर देश में बीफ पर पूरी तरह से प्रतिबंध की मांग उठती रही है. वहीं ग्लोबल स्तर पर भी बीफ का व्यापार लगातार बढ़ रहा है.


