Business : ग्लोबल टेंशन के बीच रेपो रेट पर क्या होगा फैसला? जानिए SBI रिपोर्ट का दावा

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कल यानी 6 अप्रैल से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की नई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक शुरू होने जा रही है. जिस पर लोगों की खास नजर बनी हुई है. आइए जानते हैं, इस विषय में. कल यानी 6 अप्रैल से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की नई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक शुरू होने जा रही है. जिस पर लोगों की खास नजर बनी हुई है. मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि RBI फिलहाल रेपो रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट भी यही संकेत देती है कि इस समय केंद्रीय बैंक सतर्क रुख अपनाते हुए ब्याज दरों को स्थिर रख सकती है. आइए जानते हैं, इस विषय में. मौजूदा हालात को देखते हुए आरबीआई इस बार रेपो रेट में बदलाव करने से बच सकती है. एसबीआई की रिसर्च के मुताबिक, दरें करीब 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रह सकती हैं. इसकी बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव है.

जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. खासकर होर्मुज स्ट्रेट में जारी रुकावट के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं. वैश्विक स्तर पर बनी इन परिस्थितियों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है. भारतीय करेंसी रुपया लगातार कमजोर हो रही है. रुपया अब तक के अपने सबसे नीचले स्तर पर पहुंच गया था. ऐसे में RBI रेपो रेट में बदलाव करने से दूरी बना सकती हैं.

आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव कम होने की संभावना कम दिख रही है. State Bank of India की रिसर्च के अनुसार, अगले तीन तिमाहियों तक CPI महंगाई 4.5 फीसदी से ऊपर बनी रह सकती है.

इसके साथ ही संभावित सुपर अल नीनो का असर भी कीमतों को और बढ़ा सकता है. जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद कम है.

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