ममता बनर्जी ने अपनी गाड़ी की जांच को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं को चुनाव के दौरान चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. ममता ने चुनौती देते हुए कहा कि उनकी गाड़ी रोज चेक की जाए, लेकिन प्रधानमंत्री की गाड़ी की जांच क्यों नहीं होती.
ममता बनर्जी ने अपनी कार की जांच को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने बुधवार को इस्लामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘अगर हिम्मत है तो मेरी गाड़ी रोज चेक करो, लेकिन प्रधानमंत्री की गाड़ी क्यों नहीं?’ उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने और दबाव बनाने की राजनीति की जा रही है.
ममता बनर्जी के मुताबिक दमदम एयरपोर्ट के पास उनकी गाड़ी की जांच की गई. उन्होंने कहा कि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है. साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि केवल चुनिंदा नेताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है. ममता ने कहा कि बीजेपी की राजनीति अब सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बंगाल को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा, ‘गिरफ्तारी की धमकियां और डराने की रणनीति यहां काम नहीं करेगी.’ ममता बनर्जी ने दावा किया कि कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी को रोककर जांच करने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल चुनाव जीतने के लिए केंद्र सरकार की मशीनरी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रही है. 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे.
टीएमसी ने एक दिन पहले आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग (ECI) उसके नेताओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बना रहा है और उनकी गाड़ियों की ‘सख्त जांच’ के आदेश दिए जा रहे हैं. टीएमसी के मुताबिक, पार्टी के नेताओं, खासकर अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा कर्मियों द्वारा बार-बार रोका जा रहा है. पार्टी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अपने ‘फ्लाइंग स्क्वॉड’ को निर्देश दिया है कि टीएमसी के सभी नेताओं और मंत्रियों की सार्वजनिक रूप से जांच की जाए.

