आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा सहित पार्टी छोड़ने वाले सातों सांसदों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. संजय सिंह ने जानकारी दी कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रति को एक पेटिशन भेजी है जिसमें संविधान 10वीं अनुसूची के मुताबिक इस सातों की सदस्यों की सदस्यता पूरी तरह से खत्म की जाए इसका अनुरोध किया है.
रविवार (26 अप्रैल) को संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, “कई संविधान के ज्ञाताओं ने, देश के वरिष्ठ अधिवक्ता और संविधान के विशेषज्ञ कपिल सिब्बल, पीडीटी आचार्य ने और तमाम लोगों ने ये साफ कर दिया है कि जिन सात लोगों ने आम आदमी पार्टी को तोड़कर भारतीय जनता पार्टी में विलय करने का फैसला लिया है, उनकी सबकी सदस्यता खत्म होगी, रद्द होगी, समाप्त होगी.”

इसके आगे उन्होंने कहा, “सभी विशेषज्ञों से बातचीत करके, सिब्बल साहब की राय लेकर मैंने राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति महोदय को एक पेटिशन भेजी है जिसमें संविधान की 10वीं अनुसूचि के मुताबिक, इन सातों सदस्यों की सदस्यता पूरे तरीके से खत्म की जाए, समाप्त की जाए, इसके बार में उनसे अनुरोध किया है. उपराष्ट्रति महोदय से मांग की है कि इसकी जल्द से जल्द सुनवाई करके एक न्यायपूर्ण फैसला दें.”
जब मीडिया ने संजय सिंह से सवाल किया कि क्या आपको लगता है कि इसका जल्द निपटारा किया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा, “जिन मामलों में निपटारा नहीं हुआ, उसमें कोर्ट के फैसले आए. कई ऐसे उदाहरण हैं. उत्तराखंड के मामले में क्या हुआ. याद कीजिए अरुणाचल के मामले में क्या हुआ. जब वहां इस प्रकार की तोड़फोड़ की गई थी तो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था. कई बार विलंब होने से निराशा जरूर होती है लेकिन उसकी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. संविधान की बात तो सबको मानना पड़ेगा, वो तो सबके ऊपर लागू होता है.”


